[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड रांची बुरी हालत में हैं, खाने तक के पैसे नहीं, अफ्रीका के ट्यूनीशिया में फंसे झारखंड के 48 मजदूर

बुरी हालत में हैं, खाने तक के पैसे नहीं, अफ्रीका के ट्यूनीशिया में फंसे झारखंड के 48 मजदूर

0
बुरी हालत में हैं, खाने तक के पैसे नहीं, अफ्रीका के ट्यूनीशिया में फंसे झारखंड के 48 मजदूर
झारखंड के श्रमिक ट्यूनीशिया में फंसे

Jharkhand Workers Stranded in Tunisia : झारखंड के हजारीबाग,गिरिडीह और बोकारो जिले के मजदूरों का विदेश में फंसने का सिलसिला जारी है. झारखंड के प्रवासी मजदूरों के विदेश में फंसे होने का मामला एक बार फिर सामने आया है. इस बार झारखंड के गिरिडीह, बोकारो और हजारीबाग जिले के 48 प्रवासी मजदूर अफ्रीका के ट्यूनीशिया में फंसे हुए हैं. पिछले तीन माह से मजदूरों को कंपनी की ओर से मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है. इस वजह से मजदूरों के सामने खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है. वहां फंसे मजदूरों ने वीडियो संदेश में अपना दर्द साझा करते हुए कहा है, ‘’हम यहां बहुत बुरी हालत में हैं. कंपनी ने हमारा वेतन रोक दिया है और हमारे पास खाने तक के पैसे नहीं बचे हैं. हम बस किसी तरह अपने घर वापस लौटना चाहते हैं.’’ साथ ही उन्होंने बकाया वेतन के भुगतान की मांग भी की है.

सामाजिक कार्यकर्ता ने की सरकार से हस्तक्षेप की मांग

इस सिलसिले में प्रवासी श्रमिकों के मुद्दे पर काम करनेवाले सामाजिक कार्यकर्ता सिकन्दर अली ने केंद्र और राज्य सरकार से मजदूरों के सकुशल वतन वापसी के लिए ठोस कूटनीतिक पहल करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि विदेशों में फंसने वाले मजदूरों का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी कई बार प्रवासी मजदूर ज्यादा पैसे कमाने की लालच में विदेश जाकर फंस चुके हैं. काफी मशक्कत के बाद उनकी वतन वापसी कराई गई. इसके बावजूद प्रवासी मजदूर पुरानी घटनाओं से सबक नहीं ले रहे हैं. वहीं पिछले छः महीने पूर्व साउथ अफ्रीका के नाइजर से 25 अप्रैल 2025 को बगोदर के दोंदलो पंचायत के संजय महतो, चंद्रिका महतो, राजू महतो, फलजीत महतो एवं मुंडरो के उत्तम महतो  का अपहरण कर लिया गया जिसका अभी तक कुछ भी पता नहीं चल सका है. ऐसे में सरकार को मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए रोजगार की व्यवस्था करने की जरूरत है.

यह भी पढ़ें : Giridih News: सऊदी अरब में हुई प्रवासी मजदूर की मौत को ले विधायक ने की जांच की मांग

ट्यूनीशिया फंसे मजदूरों में ये हैं शामिल

हजारीबाग जिले (विष्णुगढ़) से 19 मजदूर हैं
अमरदीप चौधरी(ऊंचाघाना)
जिवाधन महतो(ऊंचाघाना)
धानेश्वर महतो(ऊंचाघाना)
जागेश्वर कुमार महतो(ऊंचाघाना)

गोविंद कुमार महतो(ऊंचाघाना)
खिरोधर महतो(ऊंचाघाना)
नागेंद्र कुमार महतो(ऊंचाघाना)
कैलाश महतो(ऊंचाघाना)
नीलकंठ महतो(ऊंचाघाना)
अनंतलाल महतो(बंदखारो)
खुशलाल महतो(बंदखारो)
जगतपाल महतो(बलकमक्का)
मुकेश कुमार(खरकी)
मंटू महतो (ज्ञानगढ़ा)

गंगाधर महतो (मुरगामो)
मुकेश कुमार(चानो)
दिनेश तुरी (खरना)
देवेंद्र ठाकुर (खरना)
शंकर घांसी (खेदाडीह)

गिरिडीह जिले से 14 मजदूर

बगोदर

नंदलाल महतो(माहुरी)
संतोष महतो (अडवारा)
गुरुचरण महतो (बेको)
मनोज कुमार मंडल (दोंदलो)
खुबलाल महतो(दोंदलो)
अशोक कुमार (मुंडरो)

सरिया

झंडू महतो(कोसी)
सेवा महतो(कोसी)
मुरली मंडल (उलीबार)
सुखदेव सिंह (लोवाबार)

डुमरी

संजय कुमार(जरूवाडीह)

पिरटांड
संजय कुमार महतो (खुखरा)

गिरिडीह
सुनील टूड्डू (बेरागढा खुर्द)
मिरुलाल हसदा(बेरागढा खुर्द)

बोकारो जिले से 15 मजदूर

चंद्रपुरा

अजय कुमार (फतेहपुर)
अनिल कुमार (फतेहपुर)
गोपाल महतो (खलचो)

पेटरवार
राजेश करमाली (पेटरवार)

गोमिया
लालू करमाली (चिलगो)
जगन्नाथ महतो (चिलगो)
रूपलाल महतो (चुन्नू महुआटांड़)
दीपक सिंह (तिसरी)
कारु सिंह (तिसरी)
जगन्नाथ महतो (सीधाबारा)
बिरसाही तुरी(सीधाबारा)
सुबोध मरांडी (तिसरी)
मनोज कुमार रविदास (करी)
खेदन सिंह (क्रुकनालो)
सुखदेव महतो(तिसरी)

Previous article NDA Manifesto: लो भैय्या! KG से PG तक फ्री में पढ़ायेगी NDA, महिलाओं और युवाओं के लिए भी खास घोषणा
Next article Mushroom Recipe Ideas: खास मौके या पार्टी के लिए बनाना है कुछ स्पेशल, तो ट्राई करें ये मशरूम रेसिपी आइडियाज
Avatar Of Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel