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Home झारखण्ड रांची Jharkhand Mineral : झारखंड की धरती में छिपे हुए खनिज भंडारों की पहचान की जाएगी, उसे निकाला जाएगा

Jharkhand Mineral : झारखंड की धरती में छिपे हुए खनिज भंडारों की पहचान की जाएगी, उसे निकाला जाएगा

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Jharkhand Mineral : झारखंड की धरती में छिपे हुए खनिज भंडारों की पहचान की जाएगी, उसे निकाला जाएगा
झारखंड के खनिज (Photo: AI)

Jharkhand Mineral : (सुनील चौधरी) झारखंड में खनिजों की खोज के लिए राज्य सरकार पहल कर रही है. इसके लिए अलग से फंड तैयार किया जा रहा है. बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (एसएमइटी) का गठन किया जायेगा. यह नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (एनएमइटी) की तर्ज पर होगा. इसे गैर लाभकारी संस्था के रूप में स्थापित किया जायेगा. इसका उद्देश्य राज्य सरकार द्वारा निर्धारित निधि का उपयोग करके राज्य सरकार द्वारा निर्धारित तरीके से खनिजों की क्षेत्रीय और विस्तृत खोज करना है.

इसके अध्यक्ष खान मंत्री होंगे. समिति में खान सचिव, खान निदेशक, भूतत्व निदेशक समेत अन्य अधिकारी भी होंगे. खनिजों के अन्वेषण के लिए एक एसएमइटी कोष स्थापित किया जायेगा. एसएमइटी कोष को खनन पट्टा या अन्वेषण लाइसेंस सह खनन पट्टा धारकों से एमएमडीआर अधिनियम की दूसरी अनुसूची के अनुसार भुगतान की गयी रॉयल्टी के कुछ प्रतिशत के बराबर राशि ली जायेगी. प्रतिशत क्या होगा, इस पर विचार चल रहा है. बताया गया कि एक से दो प्रतिशत के करीब राशि ली जायेगी.

एसएमइटी के मुख्य कार्य

गहरे या छिपे हुए खनिज भंडारों की पहचान करना, उसका पता लगाना, माइंस प्लान बनाना और उन्हें परिष्कृत करने के लिए डिजाइन किये गये विशेष अध्ययनों और परियोजनाओं के लिए धन उपलब्ध कराना मुख्य काम होगा. खनिज विकास, सतत खनन, उन्नत वैज्ञानिक और तकनीकी पद्धतियों को अपनाने और खनिज निष्कर्षण के लिए धातु विज्ञान के लिए अध्ययन करना भी एक काम होगा. रणनीतिक और महत्वपूर्ण खनिजों के लिए विस्तृत और क्षेत्रीय अन्वेषण किया जायेगा. खनिज अन्वेषण में लगे कर्मियों की क्षमता का निर्माण भी किया जायेगा.

यह भी पढ़ें :  झारखंड में क्रिटिकल मिनरल की खोज में साझेदार बनना चाहता है अमेरिका : खान सचिव

केंद्रीय कोयला मंत्री ने जल्द गठन करने का किया आग्रह

बताया गया कि केंद्रीय कोयला मंत्री जी कृष्ण रेड्डी के साथ हुई बैठक में इस बात को उठाया गया था. केंद्रीय कोयला मंत्री ने राज्य सरकार से जल्द से जल्द इसका गठन करने का आग्रह किया है. उन्होंने क्रिटिकल मिनरल की खोज के लिए इसे अहम माना है.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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