[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Badi Khabar झारखंड की जमीन के नक्शे पर माफियाओं की नजर, मूल कॉपी कार्यालय से गायब

झारखंड की जमीन के नक्शे पर माफियाओं की नजर, मूल कॉपी कार्यालय से गायब

0
झारखंड की जमीन के नक्शे पर माफियाओं की नजर, मूल कॉपी कार्यालय से गायब

झारखंड की जमीन के नक्शों पर संकट है. ये नक्शे अब सुरक्षित नहीं है. नक्शा पर माफियाओं की नजर है. वहीं इसकी सुरक्षा में तैनात कर्मियों की मिलीभगत की बात भी सामने आ रही है. यही वजह है कि पहले ऑनलाइन किये गये सभी नक्शों को पेन ड्राइव में कॉपी कर बेच दिया गया. अब झारखंड की जमीन के मूल नक्शों को गायब करने का मामला सामने आया है. यहां बंदोबस्त कार्यालय के अति सुरक्षित नक्शा रूम से ही नक्शा की मूल कॉपी गायब कर दी गयी है. ऐसा एक नहीं कई मामले हुए हैं.

इसमें से एक मूल नक्शा प्रभात खबर के समक्ष आया है. यह नक्शा खूंटी के गोड़ाटोली की है. इसका थाना नंबर 46 है. इस नक्शे की मूल कॉपी पर इसका साल 1902-03 ईस्वी लिखा हुआ है. इसमें मिलान शीट नंबर -1 उल्लेख किया गया है.

इस शीट में पूरे इलाके का नक्शा है. इसमें हर खाता और प्लॉट के मुताबिक जमीन की स्थिति दर्शायी गयी है. किसी भी व्यक्ति को जरूरत पड़ने पर तय फीस लेकर इन नक्शों की कॉपी दी जाती है, लेकिन यह बताया जा रहा है कि यहां से मूल कॉपी बाजार में दो से पांच हजार रुपये में बेचे जा रहे हैं. कर्मियों की मिलीभगत से ऐसा हो रहा है. कर्मियों का कहना है कि यह संपत्ति राज्य के लोगों की है. अगर यह नष्ट हो जायेगा, तो जमीन की वास्तविक स्थिति का ही पता नहीं चलेगा.

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में लाये गये थे नक्शे

पटना के गर्दनीबाग से नक्शे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में रांची लाये गये थे. इसके लिए चार डीएसपी के साथ ही कार्यपालक दंडाधिकारियों को तैनात किया गया था. कई ट्रकों में लाद कर स्कॉट कर नक्शे लाये गये थे. रांची बंदोबस्त कार्यालय में नक्शा लाया गया था, तो यहां भी चाक चौबंद सुरक्षा थी. नक्शा को किसी तरह का नुकसान न हो, इसके लिए सारे प्रबंध किये गये थे. नक्शा रूम तैयार कराया गया था. नक्शा रूम में अनाधिकार प्रवेश वर्जित किया गया. दीमक से रक्षा के लिए ट्रिटमेंट भी किये जाते हैं, पर यहां कर्मियों से ही नक्शा को नुकसान हो रहा है.

ठेकाकर्मियों के भरोसे है नक्शा प्रशाखा

यहां का नक्शा प्रशाखा ठेकाकर्मियों के जिम्मे में है. प्रशाखा के प्रभारी और एक सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी के स्तर के अधिकारी को छोड़ कर सारे ठेका कर्मी हैं. इन ठेका कर्मियों को पहले भी हटाने का निर्देश हुआ था, लेकिन इन्हें हटाया नहीं गया, बल्कि इन्हें सबसे महत्वपूर्ण प्रशाखा की जिम्मेवारी दे दी गयी है.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel