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श्रवण जांच और स्पीच थेरेपी तीन माह से बंद, मशीनें भी हो गयी हैं 10 साल पुरानी

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श्रवण जांच और स्पीच थेरेपी तीन माह से बंद, मशीनें भी हो गयी हैं 10 साल पुरानी
Birsa Munda

राजीव पांडेय (रांची). राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स के इएनटी विभाग में ऑडियोमेट्रिस्ट नहीं होने से सामान्य श्रवण जांच और स्पीच थेरेपी तीन माह से बंद है. इस कारण मरीजों को जांच के लिए निजी सेंटर में जाना पड़ रहा है. रिम्स में सामान्य श्रवण जांच 100 रुपये में की जाती थी, लेकिन इसके लिए निजी जांच घरों में 500 रुपये तक लिये जा रहे हैं. वहीं, जिस स्पीच थेरेपी के लिए रिम्स में 50 रुपये देने पड़ते थे, उसके लिए निजी सेंटरों में 500 से 600 रुपये देने पड़ते हैं. बताया जाता है कि सरकार की ओर से अधिकृत संस्था एडिफ की संविदा अवधि समाप्त होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है. इधर, रिम्स के अन्य विभागों की तरह इएनटी में भी कई जरूरी मशीनें 10 से 12 पुरानी हो गयी हैं. इन मशीनों को तत्काल खरीदने की जरूरत है. माइक्रोस्कोप मशीन पुरानी हो गयी है. वहीं, ओटी में दो एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन है, जबकि एक और की जरूरत है. इसके अलावा ओपीडी में तीन वर्क स्टेशन (इंडोस्कोपी द्वारा नाक, कान और गला की जांच मशीन) में से एक खराब है. इसमें मामूली सॉफ्टवेयर की समस्या है, लेकिन इसे दुरुस्त नहीं किया जा रहा है. हर रोज 200 मरीजों को परामर्श और 25 सर्जरी : इएनटी ओपीडी में प्रतिदिन 200 मरीजों को परामर्श दिया जाता है. वहीं, ओटी में हर दिन चार से पांच मेजर और 20 माइनर सर्जरी की जाती है. माइनर सर्जरी के लिए ओपीडी से मरीजों को सीधे ओटी में बुलाया जाता है. मेजर सर्जरी में लैरिंग्स, वोकल कॉड, साइनस, गले में मांस का निकलना और थायराइड की सर्जरी की जाती है. मरीजों का लोड बढ़ा, पर मैनपावर वर्ष 1971 का : सीनियर डॉक्टरों का कहना है कि रिम्स में मरीजों का लोड लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन मैनपावर वर्ष 1971 का है. उस समय के स्वीकृत पद के हिसाब से डॉक्टरों की संख्या है, लेकिन पहले से ओपीडी में मरीज बढ़ गये हैं और गंभीर बीमारी की सर्जरी भी होने लगी है. विभाग में चार सीनियर डॉक्टर और तीन सीनियर रेजीडेंट हैं. इसके अलावा 18 पीजी स्टूडेंट सेवाएं देते हैं. विभाग में फैकल्टी : डॉ संदीप कुमार, विभागाध्यक्ष सह प्रोफेसर, डॉ राजेश कुमार चौधरी, एसोसिएट प्रोफेसर, डॉ विनोद कुमार सिन्हा, एसोसिएट प्रोफेसर, डॉ जाहिद मुस्तफा खान, एसोसिएट प्रोफेसर, सीनियर रेजीडेंट, तीन. रिम्स के पीआरओ डॉ राजीव कुमार ने कहा कि सरकार की ओर से अधिकृत संस्था एडिफ की संविदा अवधि समाप्त होने के कारण श्रवण क्षमता और स्पीच थेरेपी की जांच प्रभावित हो रही है. अगले माह में जांच व थेरेपी शुरू हो जायेगी. रिम्स में स्थायी ऑडियोमेट्रिस्ट की नियुक्ति का प्रस्ताव आगामी शासी परिषद की बैठक में रखा जायेगा. सहमति के बाद आवेदन निकाला जायेगा. ऑडियोमेट्री मशीन भी खरीदी जायेगी. इसके बाद रिम्स इस मामले में आत्मनिर्भर हो जायेगा. वहीं, माइक्रोस्कोप और मल्टीपल इंडोस्कोपी मशीन पुरानी तो है, लेकिन इससे काम प्रभावित नहीं होता है. मैनपावर लोड के हिसाब से कम है, लेकिन स्वीकृत पद के हिसाब से है.

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