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Home झारखण्ड रांची नदी में राख बहाने को लेकर एनटीपीसी टंडवा के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं ग्रामीण

नदी में राख बहाने को लेकर एनटीपीसी टंडवा के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं ग्रामीण

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नदी में राख बहाने को लेकर एनटीपीसी टंडवा के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं ग्रामीण

पिपरवार. एनटीपीसी टंडवा द्वारा नदी में कोयले की राख बहाने के खिलाफ अब ग्रामीण एकजुट होने लगे हैं. रूढ़िगत संयुक्त ग्राम सभा मंच के तत्वावधान में किसी भी समय एनटीपीसी प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन का विगुल फूंका जा सकता है. जानकारी के अनुसार लगभग 20 गांव के लोग सड़क पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं. प्रबंधन को 15 दिनो की मोहलत दी गयी है. बताया जाता है कि एनटीपीसी की मनमानी व एनजीटी-प्रशासन की उदासीनता राजधानी दिल्ली को ऊर्जा संकट में डाल सकती हैं. प्रदूषण प्रभावित गांवों के लोग धरना-प्रदर्शन के साथ पिपरवार-टंडवा मार्ग राेक सकते हैं. तत्काल कार्रवाई नहीं होने पर क्षेत्र से कोयले का डिस्पैच भी बाधित किया जा सकता है. पिछले दिनो मंच की बैठक में बताया गया कि गरही नदी में जहरीले फ्लाई ऐश के बहने से जल में रहने वाले जीव-जंतु समाप्त हो चुके हैं. नदी में नहाने वाले ग्रामीण चर्म रोग की शिकायत से परेशान हैं. गरही व दामोदर नदी को सफेद राख की चादर ने ढंक लिया है. ग्रामीणो का मानना है कि प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता की वजह से एनटीपीसी प्रबंधन मनमानी पर उतर आया है. इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है. ग्रामीणो ने एनटीपीसी प्रबंधन से वाटर ट्रिटमेंट प्लांट लगाने की मांग की है, ताकि राख डैम का प्रदूषित पानी नदियों में नहीं जा सके.

रूढ़िगत संयुक्त ग्राम सभा मंच आंदोलन की तैयारी में

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