[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड रांची Ranchi News : टिकाऊ कृषि पद्धति से सशक्त बन रहे किसान : डाॅ मयंक

Ranchi News : टिकाऊ कृषि पद्धति से सशक्त बन रहे किसान : डाॅ मयंक

0
Ranchi News :   टिकाऊ कृषि पद्धति से सशक्त बन रहे किसान : डाॅ मयंक

उषा मार्टिन की पहल, पांच एकड़ बंजर भूमि पर हुई फूलों की खेती

रांची. फूलों की खेती किसानों के बीच काफी तेजी से लोकप्रिय हुई है. गेंदा फूल की खेती से टाटीसिलवे के आसपास के किसान हजारों तक का मुनाफा कमा रहे हैं. उषा मार्टिन फाउंडेशन के सहयोग से टिकाऊ कृषि पद्धतियों को प्रगतिशील किसानों ने अपनाया है. कृषि गतिविधियों में विविधता से खेती अब आय बढ़ाने का माध्यम हो गया है. इससे न केवल उनकी आजीविका में सुधार हुआ बल्कि उनके गांव के समग्र विकास में योगदान मिला. पिछले साल प्रयोग के तौर पर कुछ किसानों को फूल की खेती करायी गयी थी. इस बार 12 किसानों ने पांच एकड़ से अधिक भूमि पर फूल की खेती की और त्योहार के मौसम में हजारों का मुनाफा कमाया.

उषा मार्टिन फाउंडेशन के हेड डाॅ मयंक मुरारी ने बताया कि सीएसआर क्षेत्र में खेती केवल जीवनयापन का माध्यम नहीं है, बल्कि अब किसान इससे अपने आय में गुणात्मक सुधार ला रहे हैं. महिलौंग के किसान इमिल बालमुचू अपनी़ भूमि पर सब्जी और फूल की खेती से पिछले दो माह में एक लाख से ज्यादा रुपये की कमाई की है. इमिल बालमुचू, हेसल के ईश्वर महतो, बड़वारी के राजकुमार महतो, होरहाप के केदार महतो समेत दर्जन भर अन्य किसान भी इस सफलता को अपने टोला में जमीन पर उतार रहे हैं.

उषा मार्टिन के सहयोग से प्रगतिशील किसानों को उन्नत बीज, पाॅलिनेट, टपक सिंचाई आदि की व्यवस्था करायी गयी. इस साल 55 किसानों के खेतों की मिट्टी जांच करायी गयी. सिंचाई के तरीकों में बदलाव ने खेती को अधिक प्रबंधनीय बना दिया है, जिसके कारण फसल की पैदावार में उल्लेखनीय सुधार हुआ. फाउंडेशन ने मौसम के हिसाब से 120 से अधिक किसानों को फूलगोभी, टमाटर, करेला, खीरा, बींस, नेनुआ और लौकी के निर्धारित बीज और पौधे उपलब्ध कराये गये.

250 से अधिक किसान फाउंडेशन से जुड़े : मेवालाल

एग्री बिजनेस कोऑर्डिनेटर मेवालाल महतो ने बताया कि उषा मार्टिन फाउंडेशन 20 गांवों में खेती का कार्य कर रही है. एनआरएम कार्यक्रम के तहत अभी तक 250 से अधिक किसानों को जोड़ा गया है. इसका परिणाम है कि 50 से अधिक किसानों की आमदनी लाखों में हो गयी है.

एक्सआइएसएस के छात्रों ने ग्रामीण विकास का कार्य देखा

एक्सआइएसएस के वर्तमान सत्र में नामांकित ग्रामीण विकास के छात्रों ने शनिवार को उषा मार्टिन के ग्रामीण गांवों का भ्रमण किया. गांवों में चलायी जा रही गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की. इस दौरान मेवालाल महतो, संगीत कुमार ने उनको सीएसआर के तहत किये गये आधारभूत संरचनाओं को दिखाया. इसमें राहुल कुमार, कुमार शशांक राज और मृणाल सिंह शामिल थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel