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Ranchi News : जीवन को गुरु के अधीन नियंत्रित कर चलें : डॉ जयदेव

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Ranchi News : जीवन को गुरु के अधीन नियंत्रित कर चलें : डॉ जयदेव

रांची. श्री श्री ठाकुर अनुकूलचंद्र के 137वें जन्मोत्सव पर हरमू मैदान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. उत्सव की शुरुआत सुबह 4:30 बजे हुई. सुबह में सामूहिक प्रार्थना, पवित्र ग्रंथ का पाठ सहित संगीताजलि कार्यक्रम हुआ. इस मौके पर शोभायात्रा भी निकाली गयी. दिन के 11:30 बजे से धर्म सभा का आयोजन हुआ. इसका संचालन सत्संगी डॉ जयदेव पति ने किया.

जीवन में सद्गुरु की महत्ता को

बताया

प्रथम वक्ता डॉ आरके चौधरी ने जीवन में सद्गुरु की महत्ता को बताया. उन्होंने कहा कि सद्गुरु हमारे जीवन के उत्स के मूल होते हैं. जो मनुष्य अपने जीवन में सद्गुरु रूपी उत्स के मूल को लेकर उनके नीतिबिधि को जितना चरितार्थ करता है, उसका जीवन उतना ही उन्नत होता है. इस जीवन को जितना विस्तारित करता है, इसका सकारात्मक प्रभाव व्यक्ति के व्यक्तिगत व पारिवारिक जीवन पर उतना ज्यादा ही पड़ता है. अगर व्यक्ति अपने जीवन को गुरु के अधीन नियंत्रित कर चले, तो पूरे विश्व पर विजय प्राप्त कर सकता है. मौके पर दूसरे वक्ता प्रख्यात हृदय चिकित्सक डॉ हेमंत नायक ने कहा कि शाकाहार ही मनुष्य का प्राकृतिक भोजन है. परमदयाल कहते हैं कि मनुष्य प्रकृति के विधानों को मानकर चले, तो निरोगी जीवन जी सकता है.

भजन-कीर्तन से माहौल हुआ भक्तिमय

इस दौरान भक्त मंडली ने भजन कीर्तन कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया. युवा मंडली द्वारा वर्तमान आचार्यदेव के निर्देशों पर नाट्य प्रस्तुत किया गया.जिसमें बताया गया कि गुरु के प्रति समर्पित होकर काम करने से हर लक्ष्य साध्य हो जाता है. इस अवसर पर मातृ सम्मेलन में प्रमुख वक्ताओं में डॉ संविता, रोमी, तनिषी मोहिनी, चंपा, अर्यमा, मनीषा और श्रुति ने संबोधन किया. डॉ संविता ने कहा कि सद्गुरु के प्रति भक्ति से हमारा विश्वास गहरा होता है. विश्वास गहरा होने से गुरु के प्रति प्रेम जागृत होता है और प्रेम और विश्वास ही हमें जीवन की हर समस्या का निदान दिलाता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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