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हाथी, हिप्पो और नीलगाय खा रहे हैं तरबूज और खीरा, मिल रहा है ग्लूकोज

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हाथी, हिप्पो और नीलगाय खा रहे हैं तरबूज और खीरा, मिल रहा है ग्लूकोज

ओरमांझी. भगवान बिरसा जैविक उद्यान में भीषण गर्मी को देखते हुए उद्यान प्रशासन ने वन्य प्राणियों की सुरक्षा व गर्मी से बचाव के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध करायी है. उद्यान में हाथी लखी रानी व छोटे सम्राट को खाने के लिए तरबूज, खीरा, चना, डाल पत्ता और ग्लूकोज दिये जा रहे हैं. वहीं सुबह-शाम स्नान कराया जा रहा है. वहीं हिरण, नीलगाय, कृष्ण मृग और चीतल को नियमित आहार कुटी चोकर के अलावा गर्मी से बचाव के लिए खीरा परोसा जा रहा है. इसके अलावा हिमालयन व देसी भालू को भी नियमित आहार दूध, केला, सेव के अलावा खीरा व तरबूज दिये जा रहे हैं. बाघ, शेर, तेंदुआ व अन्य मांसाहारी वन्य प्राणियों को मल्टी विटामिन व लिक्विड प्रोटीन के साथ ग्लूकोज और ओआरएस के घोल दिये जा रहे हैं. इसी तरह ऑस्ट्रिच, एमू, रंगीन मोर, सफेद मोर, तोता, मैना व तीतर प्रजाति के आहार का भी ख्याल रखा जा रहा है. बाघ, शेर व तेंदुआ के लिए कूलर की व्यवस्था उद्यान में बाघ, शेर, तेंदुआ और भालू के लिए शेड में कूलर की व्यवस्था की गयी है. वहीं खिड़कियों व ग्रिल में जुट का पर्दा लगाया गया है. इसे समय-समय पर भिगोया जा रहा है, ताकि वन्य प्राणियों को गर्मी से राहत मिलती रहे. हिप्पो का भी विशेष ख्याल रखा जा रहा है. आहार में कुटी-चोकर, आलू, पक्का हुआ केला के अलावा तरबूज व कद्दू दिया जा रहा है. वर्जन::: वन्य प्राणियों को गर्म हवा चलने के कारण डी हाइड्रेशन होने की संभावना रहती है. इसे ध्यान में रखते हुए वन्य प्राणियों के आहार में मौसमी फल जैसे खीरा, तरबूज व मल्टी विटामिन व ग्लूकोज, ओआरएस का घोल प्रत दिन दिया जा रहा है. डॉ ओमप्रकाश साहू, पशु चिकित्सक

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