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Home झारखण्ड रांची ranchi news : ईस्टर की आराधना में शामिल हुए रांची के मसीही विश्वासी, प्रियजनों की कब्र पर मोमबत्तियां जलायीं और फूलों से सजाया

ranchi news : ईस्टर की आराधना में शामिल हुए रांची के मसीही विश्वासी, प्रियजनों की कब्र पर मोमबत्तियां जलायीं और फूलों से सजाया

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ranchi news : ईस्टर की आराधना में शामिल हुए रांची के मसीही विश्वासी, प्रियजनों की कब्र पर मोमबत्तियां जलायीं और फूलों से सजाया

रांची. मसीही विश्वासियों ने यीशु का पुनरुत्थान पर्व (ईस्टर) हर्षोल्लास के साथ मनाया. सीएनआइ छोटानागपुर डायसिस और जीइएल चर्च के विश्वासी कब्रिस्तानों में हुई पुनरुत्थान की विशेष आराधना में शामिल हुए. इस दौरान लोगों ने अपने प्रियजनों की कब्र पर मोमबत्तियां जलायीं. कब्र को फूलों से सजाया और प्रार्थना की. इस दौरान पुरोहितों ने कहा कि जिस तरह यीशु मृतकों में से जी उठे, उसी तरह उस पर विश्वास करनेवाला हर व्यक्ति का पुनरुत्थान होगा. कैथोलिक विश्वासियों ने संत मरिया महागिरजाघर सहित अन्य गिरजाघरों में आराधना में हिस्सा लिया.

यीशु का जी उठना मसीही विश्वास का केंद्र

जीइएल चर्च के मॉडरेटर बिशप मार्शल केरकेट्टा ने कहा कि यीशु का जी उठना मसीही विश्वास का केंद्र है. उन्होंने कहा कि बाइबल के न्यू टेस्टामेंट में इसका उदाहरण पाते हैं. तीन स्त्रियां मरियम, मगदिलीनी और मरियम जब कब्र पर पहुंची, तो उसका पत्थर खुला पाया. वहां यीशु का शरीर नहीं था बल्कि एक स्वर्गदूत था, जिसका शरीर बिजली की तरह चमकदार और वस्त्र पाले (बर्फ) की तरह सफेद था. उस स्वर्गदूत ने बताया कि जिसे तुम देखना चाहती थी, वह जी उठा है. ईस्टर पर हम इसी घटना को स्मरण करते हैं. यीशु मसीह ने इस घटना के जरिए अपने देवत्व (डिविनिटी) को प्रगट किया था. मसीही विश्वास है कि जिस तरह यीशु जी उठे थे, उस तरह एक दिन हम भी जी उठेंगे. यीशु की मृत्यु और जी उठने की घटना को भविष्यवक्ताओं ने पहले ही घोषित कर दी थी. यीशु ने उन भविष्यवाणियों को पूरा किया. इससे पूर्व विश्वासी स्मरण पत्थर के पास से जीइएल चर्च कब्रिस्तान तक शोभायात्रा के रूप में पहुंचे. इस अवसर पर बिशप सीमांत तिर्की, पूर्व बिशप नेल्सन लकड़ा और रेव्ह अनूप जॉली भेंगरा ने आराधना में सहयोग किया.

सीएनआइ कब्रिस्तान में रेव्ह एस डेविड ने दिया उपदेश

सीएनआइ कब्रिस्तान कांटाटोली में सुबह छह बजे विशेष आराधना हुई. मुख्य अनुष्ठक बिशप बीबी बास्के थे, जबकि उपदेश पेरिश प्रिस्ट एस डेविड ने दिया. रेव्ह डेविड ने अपने उपदेश में यीशु के जी उठने की घटना का वर्णन किया. उन्होंने बाइबल के वचन से कहा : मरियम तुम जीवित को मरे हुओं में क्यों ढूंढती हो.”””” उन्होंने कहा कि यीशु का जी उठना हमारे लिए एक आशा है. ईस्टर हमारे लिए यीशु की वहीं आशा लाता है. आत्मिक मृत्यु शैतान की वजह से आती है. इसके विपरीत मसीह के साथ हम उनके स्वभाव में जुड़ते हैं. इसलिए जरूरी है कि हम मसीह के साथ ही रहने की कोशिश करें, न कि शैतान के. उन्होंने कहा कि मसीह का दूसरा आगमन होगा तब जो भूमि के नीचे सोए हैं, वे जीवित होंगे. कुछ हमेशा के लिए और कुछ घृणित दंड के लिए.

संत मरिया महागिरजाघर में रेव्ह आनंद डेविड ने आराधना की अगुवाई की

पुरुलिया रोड स्थित संत मरिया महागिरजाघर में पल्ली पुरोहित रेव्ह एस डेविड ने पास्का रविवार (ईस्टर) आराधना की अगुवाई की. उन्होंने पास्का रहस्य का मर्म समझाया. बताया कि यीशु लोगों को बताते हैं कि तुम इस मंदिर (उनके शरीर) को ढाह दो, मैं इसे तीन दिनों के अंदर फिर से खड़ा करूंगा. और ऐसा ही होता है. वे अपनी क्रूस मृत्यु के तीसरे दिन फिर से जी उठते हैं. यीशु कहते हैं कि पुनरुत्थान और जीवन मैं हूं. उन्हें कब्र में न पाकर यीशु के तीन शिष्य, जिसमें पैत्रुस और पौलुस शामिल हैं : उनके पुनर्जीवित होने पर संदेह करते हैं. पर जब उन्हें अपनी गलती का अहसास होता है, तो वे लोगों के बीच पूरे विश्वास से यीशु की पुनर्जीवित होने की घटना को बताते हैं. पास्का पर्व हमें मौका देता है कि हम भी पाप, बुराइयों, नशा, व्याभिचार जैसी चीजों को छोड़ें और यीशु पर विश्वास करें. यीशु पर विश्वास से ही हमें पुनर्जीवन की प्राप्ति होती. हमारा पुनरुत्थान होगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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