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Home झारखण्ड रांची झारखंड मॉडल बनाकर 4.60 लाख महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर जांच करने वाली डॉ भारती कश्यप सम्मानित

झारखंड मॉडल बनाकर 4.60 लाख महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर जांच करने वाली डॉ भारती कश्यप सम्मानित

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झारखंड मॉडल बनाकर 4.60 लाख महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर जांच करने वाली डॉ भारती कश्यप सम्मानित
डॉ भारती कश्यप को सम्मानित करते स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी. फोटो : प्रभात खबर

Cervical Cancer Jharkhand: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की पूर्व राष्ट्रीय सह-अध्यक्ष और आईएमए वीमेंस विंग झारखंड की प्रदेश अध्यक्ष डॉ भारती कश्यप 10 साल से झारखंड में सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन अभियान चला रहीं हैं. विश्व कैंसर दिवस पर राजधानी रांची में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में उन्होंने सहियाओं को सर्वाइकल कैंसर की हाई रिस्क कैटेगरी वाली महिलाओं की पहचान की ट्रेनिंग दी. स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी की मौजूदगी में नामकुम के आईपीएच सभागार में डॉ कश्यप को शॉल ओढ़ाकर और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया.

World Cancer Day In Ranchi
विश्व कैंसर दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में राज्य भर से आयी सहियाएं और कैंसर उन्मूलन अभियान से जुड़ी महिला डॉक्टर्स की टीम. फोटो : प्रभात खबर

झारखंड में WHO की सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन नीति 2030 पर हो रहा काम

आईएमए की पूर्व राष्ट्रीय सह अध्यक्ष डॉ भारती कश्यप ने वर्ष 2014 से झारखंड में सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन अभियान चला रहीं हैं. वर्ष 2021 में उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन की सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन नीति 2030 के 90-70-90 के तीसरे भाग को अपनाया और झारखंड मॉडल बनाया. इसके तहत प्रजनन क्षमता वाली 4,60,012 महिलाओं की स्क्रीनिंग की जा चुकी है.

कैंसर उन्मूलन अभियान और झारखंड मॉडल के बारे में बतातीं डॉ भारती कश्यप.

हाई रिस्क कैटेगरी वाली 4.60 लाख महिलाओं की अब तक हुई जांच

डॉ भारती कश्यप ने बताया कि झारखंड सरकार के साथ मिलकर उन्होंने 4.60 लाख से अधिक महिलाओं की जांच की और जननांग में सूजन वाली महिलाओं का इलाज करके उन्हें सर्वाइकल कैंसर के खतरे से मुक्त किया गया है. उन्होंने कहा कि हाल के महीने में उन्होंने पश्चिमी सिंहभूम, पाकुड़ और साहिबगंज जिले में मेगा हेल्थ कैंप लगाये. इसमें पाकुड़ में सबसे ज्यादा सर्वाइकल कैंसर के मामले मिले. इसलिए एक बार फिर वहां बड़े पैमाने पर सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए कैंप लगाने की योजना है.

जहां फंडेड एजेंसियां नहीं जातीं, वहां आइएमए कर रहा काम – डॉ कश्यप

डॉ कश्यप ने कहा कि झारखंड के जिन इलाकों में फंडेड एजेंसियां जाकर काम नहीं करतीं, नॉन फंडेड एजेंसी आईएमए ने वहां जाकर काम किया है. विश्व कैंसर दिवस पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने भी डॉ भारती के काम की सराहना की. उन्होंने कहा कि वह अच्छा काम कर रहीं हैं. आगे भी इसी तरह काम करती रहें.

विश्व कैंसर दिवस पर आयोजित समारोह को संबोधित करते स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी.

पाकुड़ के हेल्थ कैंप में एक दिन में मिली Cervical Cancer की 8 मरीज

जनवरी 2025 में हाई रिस्क कैटेगरी की महिलाओं की बड़े पैमाने पर संताल परगना के साहिबगंज औ पाकुड़ जिले में जांच की गई. इसके पहले सारंडा के गुवा, गोईलकेरा और टोंटो में कैंप लगाये गये. गुवा में 1, गोईलकेरा में 2, टोंटो में 1, पाकुड़ में 8 और साहिबगंज में 1 महिला में सर्वाईकल कैंसर की पुष्टि हुई. गुवा की 11 महिलाएं गर्भाशय ग्रीवा की सूजन से ग्रसित थीं. गोईलकेरा की 11, टोंटो की 13, पाकुड़ की 14 और साहिबगंज की 5 महिलाओं के गर्भाशय ग्रीवा में सूजन पायी गयी. इस तरह गर्भाशय ग्रीवा की सूजन वाली 54 महिलाओं की पहचान हुई, जबकि सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित 13 महिलाएं इन जगहों पर मिलीं. मंगलवार को डॉ भारती कश्यप ने विश्व कैंसर दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में राज्य की सहियाओं को सर्वाइकल कैंसर की पहचान की जानकारी दी.

झारखंड में 4 आयामी अभियान चला रहीं हैं डॉ भारती कश्यप

डॉ भारती कश्यप वर्ष 2014 में वीमेन डॉक्टर्स विंग आईएमए की चेयरपर्सन बनने के बाद से 4 आयामी अभियान चला रहीं हैं, जो इस प्रकार हैं :-

  • झारखंड के दूर-दराज के इलाकों में मेगा महिला स्वास्थ्य शिविर लगातीं हैं. सभी शिविरों में जननांग के सूजन को खत्म करने के लिए किट-2 और किट-6 गोलियों के साथ-साथ आयरन, फोलिक एसिड और कैल्शियम की गोलियां जरूरतमंद महिलाओं को मुफ्त में देतीं हैं.
  • मेगा महिला स्वास्थ्य शिविर में आने वाली सर्वाइकल कैंसर की संदिग्ध महिलाओं की VIA और VILLI टेस्ट से सर्वाइकल प्री-कैंसर की स्क्रीनिंग करवाती हैं. सर्वाइकल प्री-कैंसर से पीड़ित सभी महिलाओं की कोल्पोस्कोपी गाइडेड क्रायो ट्रीटमेंट कर उन्हें ठीक करने की व्यवस्था करतीं हैं.
  • मेगा महिला स्वास्थ्य शिविरों में झारखंड के दूर-दराज के क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में पदस्थापित सरकारी स्त्री रोग विशेषज्ञों को ट्रेनिंग देने के लिए दिल्ली और कोलकाता से कैंसर स्त्री रोग विशेषज्ञों को बुलातीं हैं. सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों को सर्वाइकल प्री-कैंसर की पहचान और कोल्पोस्कोपी गाइडेड क्रायो ट्रीटमेंट का प्रशिक्षण दिलवाती हैं, ताकि झारखंड राज्य में सर्वाइकल कैंसर की पहचान तेजी से हो सके. रोग होने से पहले उसके लक्षणों को ही खत्म कर दिया जाये. उनके प्रयासों से झारखंड के 15 जिलों (लोहरदगा, देवघर, जामताड़ा, रामगढ़, जमशेदपुर, खूंटी, हजारीबाग, गिरिडीह, रांची, कोडरमा, साहिबगंज, गोड्डा, दुमका, पाकुर और पश्चिमी सिंहभूम) के सरकारी अस्पतालों में डिजिटल वीडियो कोल्पोस्कोप और क्रायो मशीन की सुविधा उपलब्ध हुई है. रांची के सदर अस्पताल में इस मशीन की स्थापना के लिए डॉ कश्यप ने वित्तीय सहायता भी दी.
  • वर्ष 2021 में स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन के लिए विकासशील राज्यों के लिए सस्ता और सुविधाजनक झारखंड मॉडल बनाया गया. इस मॉडल के जरिये सर्वाइकल कैंसर की हाई रिस्क कैटेगरी वाली 100 फीसदी महिलाओं की स्क्रीनिंग का लक्ष्य है. इस दिशा में तेजी से काम चल रहा है. स्वास्थ्य विभाग ने प्रजनन क्षमता वाली 6 फीसदी महिलाओं की स्क्रीनिंग करने का लक्ष्य दिया. लक्ष्य से ज्यादा महिलाओं की अब तक जांच हो चुकी है. इस अभियान को मजबूती प्रदान करने के लिए एनआरएचएम ने कई बार सभी सिविल सर्जन को चिट्ठी लिखी है कि प्रसव के 3 महीने बाद महिलाएं चेकअप के लिए आयें, तो उनकी और उनके साथ आने वाली महिलाओं की भी जांच सुनिश्चित करें. अगर किसी के जननांग में सूजन के लक्षण मिलें या सर्वाइकल कैंसर के लक्षण दिखें, तो उन्हें हाई रिस्क कैटेगरी की महिला के रूप में चिह्नित करें.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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