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बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं डेम्बुवा के रैयत विस्थापित

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बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं डेम्बुवा के रैयत विस्थापित

खलारी. ग्राम डेंबुआ में रैयत विस्थापित की बैठक शनिवार को हुई. जिसकी अध्यक्षता मुकेश गंझू ने की. बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि पूर्णाडीह क्वायरी टू खदान 2009 में खुली थी, जिसमें जमीन के बदले सीसीएल में कुछ लोगों को नौकरी मिली और कुछ लोग को न नौकरी मिली न मुआवजा ही मिला है और न पुनर्वास मिला था. आज भी गांव के लोग अपने अधिकार से वंचित हैं. साथ ही आज भी वहां के लोग पुनर्वास नहीं मिलने की वजह से गांव के लोग बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा सही से नही मिलने के कारण भटक रहे हैं. यहां के लोगों ने कहा कि अभी सीसीएल हमारी जमीन को अपने नाम से म्यूटेशन करा रही है. हम लोग इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं. ग्रामीणों की मांग है कि हमारी जमीन कोयला निकालने के बाद पुनः रैयत को वापस करें, ताकि हमारी पीढ़ी के बाल-बच्चे वहां फिर से रह सके. संचालन भरत गंझू ने किया. बैठक में गजन गंझु, बिनोद उरांव, रीता उरांव, झनवा देवी, झूबरी देवी, नेहा कुमारी, मेघनी देवी, बरखा गंझू, मोहन गंझु, शैलेंद्र गंझू, राजकुमार गंझू, हेमा देवी, गीता देवी, सीता देवी, संजय गंझू, सरिता देवी सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे.

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