[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड रांची एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के लिए गठित की गयी कमेटी

एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के लिए गठित की गयी कमेटी

0
एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के लिए गठित की गयी कमेटी

रांची : कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने कृषि कार्य को बढ़ावा देने के लिए एक नयी योजना सेंट्रल सेक्टर स्कीम फाइनेंस इन फैसिलिटी अंडर एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड की शुरुआत की है. इस योजना के कार्यान्वयन के लिए कृषि निदेशक को नोडल अधिकारी बनाया गया है.

राज्य में इस योजना के कार्यान्वयन एवं अनुश्रवण के लिए राज्य स्तरीय कमेटी बनायी गयी है. कमेटी में मुख्य सचिव को अध्यक्ष बनाया गया है. सचिव, कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग को सदस्य बनाये गये हैं. निबंधक सहयोग समितियां, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, क्षेत्रीय निदेशक, नेशनल को-ऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, संयोजक, एसएलबीसी इसके सदस्य होंगे. इस योजना के सदस्य सचिव, राज्य नोडल पदाधिकारी होंगे. यह समिति नेशनल लेवल मॉनिटरिंग कमेटी की गाइडलाइंस को राज्य स्तर पर कार्यान्वित करेगी. समिति जिलास्तरीय मॉनिटरिंग कमिटी के सहयोग से लाभुकों/परियोजनाओं के सूची की समीक्षा करेगी.

जिला स्तरीय कमेटी में डीसी होंगे अध्यक्ष : जिला स्तर पर योजनाओं के कार्यान्वयन एवं अनुश्रवण के लिए जिला स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया गया है. जिसके अध्यक्ष उपायुक्त होंगे. मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पर्षद उपाध्यक्ष होंगे. जिला कृषि पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, सचिव जिला बाजार समिति, जिला मत्स्य पदाधिकारी एवं जिला अग्रणी पदाधिकारी इसके सदस्य होंगे. जिला प्रबंधक नाबार्ड इसके सदस्य सचिव होंगे.

15 लाख परिवारों को जोड़ा जा रहा है कृषि आजीविका से

रांची. ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के तहत आजीविका संवर्धन के प्रयास किये जा रहे हैं. इसके तहत इस साल सखी मंडल से जुड़े करीब 15 लाख परिवारों को कृषि आधारित आजीविका से जोड़ा जा रहा है. जिसमें करीब चार लाख बाहर से लौटे प्रवासियों को भी शामिल किया गया है, ताकि वे खेती के कार्यों में जुटें. राज्यभर में जेएसएलपीएस के माध्यम से अब तक करीब 2259.2

क्विंटल धान के बीज का वितरण हो चुका है. रोपाई एवं अन्य कार्य किये जा रहे हैं. दलहन की खेती के लिए राज्य में 930.3 क्विंटल अरहर, 322.4 क्विंटल उड़द एवं करीब 26.5 क्विंटल मूंग के बीज का वितरण किया गया है. रागी एवं मूंगफली के क्रमश: 183.3 क्विंटल एवं 132.4 क्विंटल बीज वितरण किया गया है. वहीं दीदियों को 516.1 क्विंटल मक्का का बीज भी उपलब्ध कराया गया है. इस एवज में दीदियों से करीब 19 करोड़ रुपये का संग्रहण अंशदान के रूप में हो रहा है.

चार लाख प्रवासियों कोभी किया है शामिल

50% सब्सिडी पर उन्नत किस्म के बीज िदये गये

आदिम जनजाति परिवारों के बीच किट का वितरण

राज्य में करीब 10000 अति विशिष्ट आदिम जनजाति (पीवीटीजी) परिवारों के बीच आजीविका एवं कुपोषण से लड़ने के लिए पोषण वाटिक किट का वितरण भी किया गया है. इस किट में कुपोषण से लड़ाई में सहायक विभिन्न साग-सब्जियों के बीज हैं.

सस्ती दर पर दिये गये बीज

सखी मंडल की महिलाओं को कृषि आजीविका बढ़ाने के लिए सस्ती दर पर बीज दिये गये हैं. उन्हें खरीफ के फसल से जोड़ा जा रहा है. कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के बीज विनीमय एवं वितरण कार्यक्रम एवं बीजोत्पादन योजना अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को सखी मंडल के जरिए 50 फीसदी सब्सिडी पर उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराये गये हैं.

Previous article मां ने नहीं दिये 100 तो कर ली आत्महत्या
Next article एक वार्ड में 50 की जगह 80 कैदी, कोराेना का भय
Avatar Of Pritish Sahay
प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel