मनोज सिंह, रांची. झारखंड के अनुसूचित जनजाति (एसटी) समाज के 94% अभिभावकों का सपना बच्चों को उच्च और तकनीकी शिक्षा दिलाना है. वहीं मात्र 06% अभिभावक ही बच्चों को केवल प्राथमिक शिक्षा तक सीमित रखना चाहते हैं. इसका खुलासा हाल में जारी ””अनुसूचित जनजाति मानव विकास रिपोर्ट-2025”” में किया गया है. यह रिपोर्ट झारखंड के जनजातीय समाज की शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर प्रकाश डालती है. इसे इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन डेवलपमेंट, नयी दिल्ली ने तैयार किया है. इस सूची में सबसे खराब स्थिति मध्य प्रदेश की है और सबसे अच्छी स्थिति में सिक्किम है.