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बाल विवाह एक गंभीर अपराध है : राजेश कुमार सिन्हा

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बाल विवाह एक गंभीर अपराध है : राजेश कुमार सिन्हा

प्रतिनिधि, रातू.

जिला विधिक सेवा प्राधिकार रांची के तत्वावधान व अध्यक्ष सह न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-वन के मार्गदर्शन में प्रखंड क्षेत्र के थाना परिसर व चटकपुर पंचायत भवन में बाल विवाह के विरुद्ध 100 दिवसीय विशेष कार्रवाई के तहत विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की व 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है, जो एक गंभीर अपराध है. उन्होंने बताया कि बाल विवाह से बच्चों की शिक्षा बाधित होती है, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता है. इसके साथ ही घरेलू हिंसा, दुर्व्यवहार, कम उम्र में गर्भावस्था व प्रसव से मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा बढ़ जाता है तथा आर्थिक रूप से महिलाओं की निर्भरता भी बढ़ती है. उन्होंने समाधान और रोकथाम पर जोर देते हुए कहा कि बाल विवाह को रोकने के लिए समाज में जागरूकता बढ़ाना, लड़कियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करना, कानून का सख्ती से पालन करना तथा बाल संरक्षण सेवाओं का उपयोग अत्यंत आवश्यक है. पीएलवी डॉ अनिल कुमार वर्मा ने डायन प्रथा के विषय में लोगों को जागरूक किया. कहा कि यह एक अंधविश्वास है और इसे जड़ से समाप्त करना ही डालसा का उद्देश्य है. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को डायन कहकर संबोधित करना अपराध है. कार्यक्रम में पीएलवी पुष्पलता देवी, सुजिता देवी, सुनीता देवी, अफरोज अंसारी, प्रीतम सक्सेना, नेहा तिर्की, पूनम देवी, निशांत निश्चल, पुष्पलता देवी, सुजिता देवी, पूनम देवी, राजा वर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित थे.

100 दिवसीय अभियान के तहत रातू में विधिक जागरूकता कार्यक्रम B

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