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केमिकल रिसाव व न्यूक्लियर रेडिएशन से प्रभावित मरीजों के लिए रिम्स में बनेगा सीबीआरएन सेंटर

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केमिकल रिसाव व न्यूक्लियर रेडिएशन से प्रभावित मरीजों के लिए रिम्स में बनेगा सीबीआरएन सेंटर
Birsa Munda

रांची. केमिकल रिसाव और न्यूक्लियर रेडिएशन से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए रिम्स (नये कैंपस) में सीबीआरएन सेंटर बनाया जायेगा. यह सेकेंड्री लेवल का केमिकल बायोलॉजिकल रीजनल एंड न्यूक्लियर (सीबीआरएन) सेंटर होगा. इसे केंद्र सरकार के सहयोग से बनाया जायेगा. लेकिन, डॉक्टर व मैन पावर की व्यवस्था राज्य सरकार को करनी होगी.

पहले यह सेंटर ट्राॅमा सेंटर कैंपस में बनना था, लेकिन सुरक्षा को देखते हुए इसका स्थान परिवर्तन किया गया है. इसके लिए रिम्स निदेशक डॉ राजकुमार की अध्यक्षता में संपदा विभाग की बैठक में सहमति ली गयी है. सेंटर में मरीजों के लिए 15 से 20 बेड होंगे, जिसमें सभी अत्याधुनिक सुविधाएं और जीवन रक्षक उपकरण उपलब्ध होंगे. सीबीआरएन सेंटर का निर्माण पानी की उपलब्धता (आसपास तालाब हो) वाले स्थान पर करना होता है. इससे संबंधित पत्र केंद्र सरकार ने रिम्स प्रबंधन को भेजा है. संपदा विभाग के अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण भी कर लिया है. हालांकि, राज्य सरकार से अभी इसकी अनुमति नहीं मिली है. गौरतलब है कि इसके निर्माण की प्रक्रिया वर्ष 2018 से ही चल रही है.

ऐसे काम करेगा सेंटर

सीबीआरएन सेंटर में शाॅवर लगाया जायेगा. यहां महिला व पुरुष मरीजों के लिए अलग-अलग चेंबर होंगे. रासायनिक रिसाव व न्यूक्लियर रेडिएशन से प्रभावित मरीजों के शरीर पर पानी की बौछार की जायेगी. शाॅवर से बाहर आने पर मरीज को वार्ड में भर्ती किया जायेगा.

बोले निदेशक

सीबीआरएन सेंटर के लिए न्यू कैंपस जहां ओपीडी कॉम्प्लेक्स का निर्माण होना है, वहां जगह चिह्नित की गयी है. हालांकि, इसके लिए राज्य सरकार से सहमति मिलने पर ही निर्माण की अनुमति दी जायेगी. मैनपावर की भी अलग से व्यवस्था करनी होगी.

डॉ राजकुमार, निदेशक, रिम्सB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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