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Home झारखण्ड रांची रांची के बुढ़मू में करंट से बच्चे की मौत, दतवन तोड़ते समय 11000 वोल्ट तार की चपेट में आया

रांची के बुढ़मू में करंट से बच्चे की मौत, दतवन तोड़ते समय 11000 वोल्ट तार की चपेट में आया

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रांची के बुढ़मू में करंट से बच्चे की मौत, दतवन तोड़ते समय 11000 वोल्ट तार की चपेट में आया
हादसे के बाद बेहोश मां को होश में लाने का प्रयास किया जा रहा है. फोटो: प्रभात खबर

बुढ़मू से कालीचरण साहू की रिपोर्ट

Budhmu Accident: झारखंड में रांची जिले के बुढ़मू थाना क्षेत्र में करंट लगने से एक 14 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई. यह हादसा नाऊज गांव में ठाकुरगांव-बुढ़मू मुख्य मार्ग पर बिदूं बसाईर के सामने हुआ. मृतक की पहचान सिकंदर लोहरा के पुत्र सोनू लोहरा के रूप में हुई है. घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई.

करंज के पेड़ पर चढ़ा था सोनू

मिली जानकारी के अनुसार, सोनू लोहरा दतवन तोड़ने के लिए करंज के पेड़ पर चढ़ा था. इसी दौरान वह पेड़ से सटे 11 हजार वोल्ट का बिजली का तार उसकी चपेट में आ गया. तेज करंट लगते ही वह पेड़ पर ही अचेत हो गया और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई. हादसे के दौरान बिजली का तार टूट गया, जिससे पेड़ के नीचे आग भी लग गई. आसपास के ग्रामीणों ने तुरंत स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बिजली विभाग को सूचना दी और आपूर्ति बंद करवाई.

बिजली विभाग और पुलिस मौके पर पहुंची

सूचना मिलने के बाद बिजली विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची और हालात का जायजा लिया. वहीं, पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य मार्ग के किनारे इस तरह खुले में 11 हजार वोल्ट का तार रहना बेहद खतरनाक है और पहले भी इसकी शिकायत की गई थी.

मां का रो-रोकर बुरा हाल

घटना की सूचना मिलते ही सोनू की मां घटनास्थल पर पहुंचीं. पेड़ पर अपने बेटे का शव देख वे बदहवास होकर गिर पड़ीं. आसपास के लोगों ने पानी का छिड़काव कर उन्हें होश में लाया. परिवार और ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल है.

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प्रशासन ने सहायता का दिया आश्वासन

घटना की जानकारी मिलते ही अंचल अधिकारी सच्चिदानंद वर्मा मौके पर पहुंचे. उन्होंने पीड़ित परिवार को हरसंभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया. इस दर्दनाक हादसे ने बिजली विभाग की लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. ग्रामीणों ने मांग की है कि खुले और झूलते बिजली तारों को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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