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आचरण से समाज में परिवर्तन लायें : आचार्य परिपूर्णानंद सरस्वती

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आचरण से समाज में परिवर्तन लायें : आचार्य परिपूर्णानंद सरस्वती

प्रतिनिधि, मेसरा.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरा होने पर अगाशे नगर के केदल गांव में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया. मुख्य वक्ता आचार्य परिपूर्णानंद सरस्वती जी ने कहा कि आचरण से समाज में परिवर्तन लायें. अपने जीवन में त्याग करें. धर्मों रक्षति रक्षितः, यानि धर्म की रक्षा होने पर धर्म उनकी रक्षा करता है. कहा कि समाज में विसंगति फैलाने वाले लोग एकजुट होकर सनातन पर हमला कर रहे हैं. इसका प्रमाण है कॉकरोच जनता पार्टी. उन्होंने युवाओं को आगाह किया कि अपने जीवन को सही दिशा दें. केदल मुखिया सह कार्यक्रम के अध्यक्ष राहुल मुंडा ने कहा कि गांव के ग्रामीण गीता व रामायण का पाठ करें. जीवन में अभूतपूर्व परिवर्तन होगा. पिता का आचरण का पुत्र अनुकरण करता है. इसलिए सत्संग की ओर बढ़ें. महानगर बौद्धिक प्रमुख पावन पांडेय ने कहा कि तैमूर लंग से लेकर औरंगजेब के काल तक 10 करोड़ हिंदुओं का संहार हुआ. जजिया कर देना पड़ा, बावजूद सनातन संस्कृति बची रही. इसका कारण है सनातन का न तो उद्भव हुआ है और न ही अंत होगा. यह सत्य पर आधारित संस्कृति है. उन्होंने कहा कि आपदाओं में संघ हमेशा खड़ा रहता है. शोध में पाया गया कि सनातन संस्कृति गुरु-शिष्य परंपरा, कूल परंपरा, कुटुंब परंपरा के कारण ही मजबूती से खड़ा है. सम्मेलन में सामूहिक हनुमान चालीसा से सभी भक्त अभिभूत हो गये. सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकारों ने सबका मन मोह लिया. भारत माता की आरती के बाद भोग प्रसाद का वितरण किया गया. मौके पर नगर संघ चालक भोला नाथ विश्वास, महानगर सह कार्यवाह फाल्गुनी की, नगर कार्यवाह सत्येंद्र सिंह, संतोष महतो, डॉ महेश सिंह, पंडित आचार्य बालगोविंद शास्त्री, शिवलाल महतो, रूपेश करवार, बिनोद महतो, सूरज महतो व सनातनी मौजूद थे.

केदल में विराट हिंदू सम्मेलनB

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