45 लाख टन कोयले का है भंडार:
लगभग दो एकड़ जमीन पर जामुन दोहर बस्ती की बसावट है. इसके नीचे लगभग 45 लाख टन कोयला है. यह बस्ती खाली नहीं हुआ, तो केडीएच के साथ-साथ एनके एरिया का भविष्य भी प्रभावित हो सकता है. केडीएच कोयला खदान के पास खनन कार्य के लिए जमीन नहीं है. इस परियोजना को वित्तीय वर्ष 2024-25 में दस लाख टन कोयला उत्पादन करने का लक्ष्य दिया गया है.प्रबंधन ने की सहयोग की अपील:
महाप्रबंधक सुजीत कुमार और केडीएच पीओ अनिल कुमार सिंह ने एनके क्षेत्र के सभी श्रमिक संगठन प्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि, रैयत-विस्थापित परिवार और आम लोगों से जामुनदोहर बस्ती खाली कराने में सहयोग करने की अपील की है. कहा कि एनके एरिया अपने इतिहास के सबसे चुनौतीपूर्ण समय से गुजर रहा है. ऐसे में हर वर्ग के लोगों को सामने आकर सहयोग करना चाहिये, ताकि क्षेत्र के भविष्य को बचाया जा सके.
