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Home झारखण्ड रांची बजट सत्र : सदन के अंदर-बाहर छाया रहा बाबूलाल का मामला, नेता प्रतिपक्ष के मुद्दे पर भाजपा ने उठाये सवाल

बजट सत्र : सदन के अंदर-बाहर छाया रहा बाबूलाल का मामला, नेता प्रतिपक्ष के मुद्दे पर भाजपा ने उठाये सवाल

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बजट सत्र :  सदन के अंदर-बाहर छाया रहा बाबूलाल का मामला, नेता प्रतिपक्ष के मुद्दे पर भाजपा ने उठाये सवाल

रांची : बजट सत्र के पहले दिन बाबूलाल मरांडी को प्रतिपक्ष का नेता के रूप में मान्यता नहीं दिये जाने का मामला ही छाया रहा़ सदन के अंदर और बाहर पक्ष-विपक्ष ने इसको लेकर अपने तर्क गढ़े़ भाजपा विधायक इस मुद्दे को लेकर आक्रामक थे, तो वहीं सत्ता पक्ष के लोगों ने दलबदल के पुराने मामले में भाजपा को घेरा़ भाजपा विधायकों का कहना था कि इस मामले में देरी राजनीतिक कारण से हो रही है़ बाबूलाल को प्रतिपक्ष की सीट दी जानी चाहिए़

सीपी सिंह ने कहा : शोक प्रकाश के लिए बाबूलाल को बुलाते तो अच्छा होता : विपक्ष के विधायक चंद्रेश्वर प्रसाद सिंह ने शोक प्रकाश के दौरान व्यवस्था का प्रश्न उठाया़ श्री सिंह का कहना था कि शोक प्रकाश में बाबूलाल मरांडी को बुलाया जाता, वह अपनी बातें रखते तो अच्छा होता़ ऐसे मौके पर राजनीति नहीं होनी चाहिए़ शोक प्रकाश में किसको बुलाना है, इसकी तैयारी पहले से होगी़ लेकिन इसकी सूचना पूर्व में नहीं दी गयी़ मेरा नाम तय किया गया था, तो पहले बता देना चाहिए था़ भविष्य में ऐसा नहीं हो, इसका ख्याल रखा जाना चाहिए़

अनंत ओझा ने कहा : दलगत भावना से ऊपर उठ कर काम होना चाहिए : विपक्षी विधायक अनंत ओझा ने कहा कि दलगत भावना से ऊपर उठ कर काम होना चाहिए़ भाजपा ने बाबूलाल मरांडी को विधायक दल का नेता बनाया है़ इसमें विधानसभा को क्या परेशानी है़ इस तरह के मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए़ सदन सुचारू चलाना चाहते हैं, तो न्याय संगत बात होनी चाहिए़ स्पीकर सभी के संरक्षक है़ं ऐसे में दलगत भावना से ऊपर उठ कर काम करे़ं

इरफान ने कहा : आज बाबूलाल मरांडी के लिए हाय-तौबा कर रहे हैं : सत्ता पक्ष के विधायक इरफान अंसारी ने कहा कि आज बाबूलाल मरांडी के लिए हाय तौबा कर रहे हैं, कल तक लोकतंत्र का गला घोंट रहे थे़ आज इनको दलबदल की याद आ रही है़ भाजपा का दोहरा चरित्र सबने देखा है़ इस तरह का काम नहीं होना चाहिए़ स्पीकर सोच-समझ कर फैसला लेंगे़

बोली दीपिका : स्पीकर सोच-समझ कर फैसला लेंगे, भाजपा बेचैन न हो : कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय ने कहा कि स्पीकर सोच-समझ कर फैसला लेंगे़ अभी तो उनके सामने मामला आया है़ भाजपा कानून की दुहाई ना दे़ पिछले पांच सालों तक दलबदल के मामले में लोकतंत्र का मजाक उड़ाया है़ पांच वर्षों तक छह विधायकों का मामला लटका कर रखा़ आज भाजपा बेचैन हो रही है़ स्पीकर पर भरोसा करना चाहिए़ स्पीकर न्याय संगत फैसला देंगे़

मुद्दे को लेकर सदन में आक्रामक रहे भाजपा के विधायक

सदन में रखा गया कृत कार्रवाई प्रतिवेदन

रांची : झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान विभिन्न सदस्यों द्वारा पूछे गये सवाल तथा इनके संबंध में सरकार द्वारा दिये गये अाश्वासन संबंधी कृत कार्रवाई प्रतिवेदन सदन में प्रस्तुत किया गया. संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने इसे सदन पटल पर रखा. यह प्रतिवेदन कुल 22 आश्वासनों संबंधी है. विधायक प्रदीप यादव के एक सवाल के जवाब में उद्योग विभाग ने जानकारी दी है कि राज्य के कुल 115 बंद हो चुके उद्योगों को पुनर्जीवित किया गया है.

झारखंड इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (जियाडा) के रांची जोन के 46, बोकारो के 24, आदित्यपुर के 42 तथा संताल परगना जोन के तीन उद्योग इनमें शामिल हैं. गौरतलब है कि सरकार सदस्यों के सवाल तथा इन पर सरकार के आश्वासन पर विभिन्न विभागों द्वारा की गयी कार्रवाई से सदन को अवगत कराती है.

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
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