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तालाब की मिट्टी बाइक से ढोयी

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शकील अख्तर, रांची : मुख्यमंत्री के चुनाव क्षेत्र दुमका में तालाब जीर्णोद्धार योजना में झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा बिहार व पश्चिम बंगाल के स्कूटर और बाइक भी शामिल थीं. यह फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद से कई सवाल उठ रहे हैं. इसकी शिकायत मई 2018 में 20 सूत्री की बैठक में मिली. जिसके बाद दुमका जिले में योजना की जांच शुरू हुई. सितंबर 2018 में नमूना के तौर पर जिला भूमि संरक्षण द्वारा पूरी की गयी 11 योजनाओं के दस्तावेज की जांच हुई.

पाया गया कि जीर्णोद्धार के नाम पर तालाब गहरा करने और मिट्टी ढोने के लिए जिन गाड़ियों को भुगतान किया गया है. उनमें स्कूटर, बाइक, ट्रेकर आदि शामिल हैं. मामला उजागर होने के बाद घोटाला उजागर करनेवाले अधिकारी का ही तबादला कर दिया गया. इसके बाद 2019 में फिर उच्चस्तरीय जांच हुई और सरकार को रिपोर्ट भेजी गयी, जिसमें सब कुछ सही बताया गया. यानी कि जांच के नाम तथ्यों पर ही पर्दा डाल दिया गया.

पहले चरण की जांच में ही पकड़ायी थी गड़बड़ी : वहीं 20 सूत्री की बैठक के बाद पहले चरण में जिस अधिकारी ने उपायुक्त को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी थी, उसमें सभी योजनाओं में भारी गड़बड़ी का उल्लेख किया गया था. साथ ही परिवहन कार्यालय से सत्यापन कर जीर्णोद्धार के काम में स्कूटर, बाइक, मैक्सी, मैजिक जैसे वाहनों के सहारे मिट्टी ढोने का काम दिखाने की पुष्टि की गयी थी.

posted by : Pritish Sahay

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