[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड रांची फूलों की खेती कर आत्मनिर्भर बन रहे खलारी के किसान

फूलों की खेती कर आत्मनिर्भर बन रहे खलारी के किसान

0
फूलों की खेती कर आत्मनिर्भर बन रहे खलारी के किसान

खलारी. फूलों की खेती एक लाभदायक व्यवसाय है, जिससे किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. यह आत्मनिर्भरता का नया मार्ग है, जो किसानों को आर्थिक स्वावलंबन की ओर ले जा रहा है. ऐसे में खलारी प्रखंड क्षेत्र में परंपरागत खेती के साथ-साथ अब किसान फूलों की खेती पर अपनी रुझान बढ़ा रहे हैं. प्रखंड क्षेत्र की पंचायत बमने, चुरी दक्षिणी और लपरा के किसान आधुनिक फसलों के क्रांति में अब फूलों की खेती पर किसानों का ध्यान आकृष्ट हो रहे हैं और वैसे किसान आर्थिक स्वावलंबन की मार्ग प्रशस्त भी कर रहे हैं. जिन्हें राज्य सरकार द्वारा भरपूर सहयोग मिल रहा है. जहां अपने खेत की माटी में उपजे फूलों की सुगंध बिखेर कर आत्मनिर्भरता की ओर किसान अग्रसर हो रहे हैं. ऐसे में खलारी प्रखंड अंतर्गत बमने पंचायत के किसान कृष्णा महतो जरबेरा फूल की खेती कर न केवल आत्मनिर्भर बन रहे हैं, बल्कि आसपास क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा के स्रोत बन गये हैं, युवा किसान कृष्णा फूलों की खेती कर प्रत्येक महीना दस हजार रुपये मुनाफा कमा रहे हैं. इसी के तहत किसान कृष्णा से प्रेरित हो कर हाल ही में पंचायत चुरी दक्षिणी ग्राम होयर के किसान मनोज कुमार ने वर्ष 2025 में जरबेरा फूल की खेती 20 डिसमिल जमीन पर फूल की खेती शुरू की है और वे हर महीने 10 हजार रुपये का मुनाफा कमाते थे. परंतु बीते दिन हुई बारिश से जरबेरा फूल के पौधों को काफी क्षति पहुंची है. उन्होंने बताया कि जरबेरा फूल की खेती करना आसान है और बाजार में अच्छी मांग है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से भी उन्हें सहयोग मिल रहा है और वे आने वाले दिनों में फूलों की खेती को बढ़ाना चाह रहे हैं.

फूलों की खेती में जिला कृषि उद्यान विभाग मददगार

झारखंड सरकार के रांची जिला कृषि उद्यान विभाग (हॉर्टिकल्चर) की देखरेख में खलारी प्रखंड क्षेत्र के पंचायत बमने के किसान कृष्णा कुमार महतो ने 50 डिसमिल में फूलों की खेती कर रहे हैं. वहीं बमने पंचायत ग्राम बमने के किसान सुदेश महतो, पंचायत चुरी दक्षिणी ग्राम होयर के मनोज कुमार, लपरा के किसान पंचम लोहार के अलावा कई किसान बमने निवासी कृष्णा कुमार से प्रेरित होकर फूल की खेती कर रहे है और अच्छी आमदनी भी कमा रहे हैं. वहीं वैसे किसानों को फूलों की खेती को लेकर स्थानीय प्रखंड कृषि पदाधिकारी आदित्यनाथ झा प्रोत्साहित कर रहे हैं.

लोकल दुकानदारों को कम कीमत पर मिल रहा जरबेरा फूल

जरबेरा फूल लाने के लिए फूल विक्रेता कोलकाता जाया करते थे, अब लोकल दुकानदारों को कम कीमत पर प्रखंड में ही फूल आसानी से मिल रहा है. उक्त बातें बताते हुए किसान कृष्णा ने बताया कि प्रखंड क्षेत्र के आसपास के ग्रामीण इलाकों के किसानों को भी राज्य सरकार की योजना का लाभ उठाना चाहिए. उन्होंने कहा कि फूलों की खेती के साथ-साथ हरी सब्जियों की खेती भी कर रहे हैं. साथ ही इंटेरोगेटिव फॉर्म को भी बढ़ावा दे रहे हैं.

खलारी कोयलांचल में फूलों की खेती को लेकर किसानों का बढ़ा रुझान

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel