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जिम्मेदारों ने अधूरे छोड़ दिये शौचालय, खुले में जा रहे ग्रामीण

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जिम्मेदारों ने अधूरे छोड़ दिये शौचालय, खुले में जा रहे ग्रामीण

बलथरवा गांव को कागजों पर ओडीएफ घोषित कर वाहवाही लूट रहे अधिकारी

प्रतिनिधि, खलारी

बलथरवा गांव को सरकारी कागजों में खुले में शौच से मुक्त घोषित कर दिया गया है, यानि लोग अब खुले में शौच नहीं जाते हैं. शौचालयों का उपयोग करते हैं, लेकिन हकीकत इसके उलट है. शौचालय नौकरशाही की भेंट चढ़ गये हैं. गांवों को कागजों पर खुले से शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित कर अधिकारी वाहवाही लूट रहे हैं. घर-घर शौचालय बनवाकर गांव को ओडीएफ करने का अभियान कागजों में ही दफन होकर रह गया. मानक को दरकिनार कर बनाये गये अधूरे शौचालय प्रयोगलायक न होने के कारण ग्रामीण इलाकों में लोग आज भी खुले में शौच को विवश हो रहे हैं. इस महत्वपूर्ण कार्य को कागजों में ही पूरा किया गया है. गांव में जो शौचालय बने भी हैं वह अधूरे हैं. लाभार्थियों में किसी की दूसरी किस्त नहीं आयी तो उसमें कंडा भर दिया है. किसी के शौचालय पर छत ही नहीं डाली गयी है ऐसे में लोग क्या करेंगे. इन शौचालयों को बनाने में गांव में बजट तो करोड़ों रुपये खर्च हुआ पर किसी काम का नहीं रहा. ठेकेदारी प्रथा के तहत बनाये गये शौचालयों के पल्ले कब जर्जर होकर चल बसे किसी को पता ही नहीं चला. क्षेत्र के चाहे जिस गांव में देखा जाये. हर घर में शौचालय अधूरा पड़ा है. इस तरह शौचालय बनवाने से क्या फायदा जब गरीब जनता लोटा लेकर शौच के लिए इधर-उधर भटकती रहती है. बलथरवा गांव के रंथि देवी, गुजरी देवी, गीता देवी, प्यारी देवी, विशुआ पाहन का कहना है कि 2016 में आधे अधूरे शौचालय बनाकर छोड़ दिया गया. गांव के प्रधान छोटू मुंडा ने बताया कि कई बार पंचायत और प्रखंड में गुहार लगाए, लेकिन आज तक कंप्लीट नहीं किये गये, जिसके चलते शौच के लिए बाहर जाना पड़ता है.

विभाग से अधूरा शौचालय पूरा करने की मांग

वर्तमान खलारी पंचायत के मुखिया तेजी किस्पोट्टा ने कहा कि मेरे कार्यकाल में शौचालय नहीं बना था. मुखिया बनने के बाद इसकी शिकायत स्वच्छता विभाग से की. उन्होंने कहा कि ग्राम जल स्वच्छता समिति की ओर से शौचालय निर्माण करवाया गया था. विभाग से मांग की कि जो भी उस समय थे विभाग कार्रवाई करते हुए पैसा रिकवरी कर शौचालय को पूर्ण करें.

गांव में शौचालय बनवाने की मांग की

शौचालय घर की स्वच्छता में अहम भूमिका निभाते हैं. उक्त बातें उप मुखिया जयंती देवी ने कही. कहा कि सिर्फ कागज पर इस गांव को ओडीएफ घोषित कर दिया गया पर हकीकत अलग बयान करता है. उन्होंने बीडीओ से संबंधित लोगों पर कार्रवाई करते हुए इस गांव में शौचालय बनवाने की मांग की.

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