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Home झारखण्ड रांची अनगड़ा में घंटों बिजली गुल होने से ग्रामीणों में आक्रोश, सप्लाई नहीं सुधरी तो करेंगे आंदोलन

अनगड़ा में घंटों बिजली गुल होने से ग्रामीणों में आक्रोश, सप्लाई नहीं सुधरी तो करेंगे आंदोलन

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अनगड़ा में घंटों बिजली गुल होने से ग्रामीणों में आक्रोश, सप्लाई नहीं सुधरी तो करेंगे आंदोलन
बिजली कटौती से अनगड़ा के लोग परेशान.

अनगड़ा से जितेंद्र कुमार की रिपोर्ट

Power Cut: झारखंड के रांची जिले के अनगड़ा क्षेत्र में इस भीषण गर्मी के बीच अनियमित बिजली आपूर्ति ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. क्षेत्र में हर दिन घंटों बिजली गुल रहती है, जिससे उपभोक्ता खासे परेशान हैं. बिजली विभाग के अधिकारियों के लापरवाह रवैये से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. ग्रामीणों की शिकायत है कि बिजली कटने पर जब जूनियर इंजीनियर (जेई) और असिस्टेंट इंजीनियर (एई) को फोन किया जाता है, तो वे आम लोगों का फोन तक रिसीव नहीं करते हैं.

कहीं भी फॉल्ट होने पर कटती है पूरे फीडर की बिजली

ग्रामीणों ने बताया कि बेरवाड़ी सब स्टेशन से जुड़े जोन्हा फीडर में अक्सर फॉल्ट होता रहता है. तकनीकी समस्या का एक बड़ा कारण यह है कि बेरवाड़ी से जोन्हा की दूरी लगभग 20 किलोमीटर है. इसके आगे भी 20 किलोमीटर दूर सुरसू, बरवादाग, पैका आदि सुदूर क्षेत्रों में इसी लाइन से बिजली आपूर्ति की जाती है. सबसे बड़ी विडंबना यह है कि इतनी लंबी लाइन में कहीं भी छोटा-सा फॉल्ट होने पर पूरे जोन्हा फीडर की बिजली काट दी जाती है.

जंगलों के बीच से गुजरे हैं जर्जर तार

अनगड़ा क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति के लिए लगाए गए तार 25 से 30 साल पुराने हैं, जो अब पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं. ये तार घने जंगलों के बीचों-बीच से होकर गुजरते हैं. पेड़ों की डालियों के संपर्क में आने या हल्की हवा चलने पर ही इनमें अक्सर फॉल्ट आ जाता है, जिसके कारण मरम्मत में समय लगता है और घंटों बिजली की कटौती की जाती है.

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समाजसेवी जयराम महली ने दी आंदोलन की चेतावनी

बिजली विभाग की इस घोर लापरवाही और अनियमित आपूर्ति के खिलाफ समाजसेवी जयराम महली ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है. उन्होंने विभाग को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया जाता है, तो मजबूरन ग्रामीणों को आंदोलन करना पड़ेगा और फिर रांची-मुरी मुख्य मार्ग को जाम कर दिया जाएगा. इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन की होगी.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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