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प्रबंधन व रैयतों के बीच बनी सहमति

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प्रबंधन व रैयतों के बीच बनी सहमति
Birsa Munda

प्रतिनिधि, पिपरवार अशोक परियोजना के ठेठांगी व टमरटांड़ के रैयत विस्थापितों व प्रबंधन के बीच संगम विहार क्लम में समझौता वार्ता मंगलवार को हुई. वार्ता की पहल विस्थापित नेता बेनीलाल महतो ने की. वार्ता में सीसीएल की प्रस्तावित परियोजना अशोक वेस्ट व वर्तमान खदान के विस्तारीकरण पर चर्चा की गयी. रैयत विस्थापितों ने जमीन के बदले नौकरी व घर के बदले मुआवजा देने की मांग की. प्रबंधन की ओर से जिन रैयतों की नौकरी व मुआवजा बकाया है उनकी संचिका मुख्यालय भेजने का आश्वासन दिया गया. बताया गया कि किरण तिग्गा की नौकरी से संबंधित संचिका मुख्यालय भेजी जा चुकी है. वहीं, कुछ रैयतों के कागजात छानबीन के लिए सीओ के पास जमा है. जिसे जल्द प्राप्त कर मुख्यालय भेज दिया जायेगा. प्रबंधन ने बताया कि रैयतों के घर का मुआवजा बना हुआ है. वे जब चाहें चेक लेकर घर खाली कर सकते हैं. वहीं, प्रबंधन ने पेड़ों की गणना कार्य में विस्थापिताें से सहयोग की अपील की. इस अवसर पर बेनी प्रसाद ने कहा कि कोलियरी चालू रहनी चाहिए और रैयतों का काम भी होना चाहिए. इस पर दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी सहमति जतायी. ज्ञात हो कि रैयत नौकरी-मुआवजा की मांग को लेकर खदान का विस्तारीकरण नहीं होने दे रहे थे. वार्ता में प्रबंधन की ओर से मैनेजर संजय कुमार सिंह, एसओसी सुमन कुमार, डिप्टी मैनेजर लैंड एंड रेवेन्यू सच्चिदानंद सिंह व विस्थापितों की ओर से सहदेव टानाभगत, किरण टोप्पो, प्रदीप टाना भगत, जागे टाना भगत, हरि टाना भगत, सुरेंद्र टाना भगत, सुनील तिग्गा, मंजू उरांव, राजकुमार उरांव, ईश्वर उरांव, मुकेश उरांव, लक्ष्मी टाना भगत, चंद्रमनी टाना भगत, दिलीप टाना भगत आदि उपस्थित थे.

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