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पलायन रोकने के लिए गांव में 100 दिनों का रोजगार : पंकज

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पलायन रोकने के लिए गांव में 100 दिनों का रोजगार : पंकज

बेड़ो प्रखंड मुख्यालय में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू

बेड़ो. प्रखंड मुख्यालय में मंगलवार कोे मनरेगा के तहत संचालित योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ. मुखिया, पंचायत सचिव और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हुए. प्रशिक्षक पंचायती राज के मास्टर ट्रेनर पंकज ठाकुर हैं. उन्होंने मनरेगा कानून के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि ग्रामीण मजदूरों का पलायन रोकने के लिए 100 दिनों का रोजगार दिया जाता है. गांव के मजदूरों को गांव में ही काम दिया जाता है. काम नहीं मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता भी दिया जाता है. उन्होंने बताया कि मनरेगा में सात तरह के रजिस्टर बनाये जाते हैं. इसमें पहला रजिस्टर में जाॅब कार्ड के आवेदन, पंजीयन, जाॅब कार्ड निर्गत और रोजगार का हिसाब रहता है. दूसरे में ग्रामसभा की बैठक और सामाजिक अंकेक्षण, तीसरे में काम का डिमांड, कार्य अवधी और मजदूरी भुगतान, चौथा में परिसंपत्ति निर्माण का रिकॉर्ड, पांचवें में निर्माण कार्य से कितने लोगों को क्या फायदा हुआ, छठा में मनरेगा से संबंधित शिकायत और सातवां में योजना में 60 प्रतिशत मजदूरी और 40 प्रतिशत मेटेरियल का हिसाब दर्ज किया जाता है. मौके पर पंचायती राज के प्रभारी सदाम अंसारी, मुखिया सुशांति भगत, नीरज कुजूर, गंगी कुमारी, लक्ष्मी कोया, कुआंरी खलखो, जतरू उरांव, महाबीर उरांव, पंचायत वीएलई तबरेज अंसारी, अतीक अंसारी और श्रीकांत शर्मा मौजूद थे.

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