उरीमारी. सीसीएल बरका सयाल क्षेत्र के न्यू बिरसा परियोजना अंतर्गत आउटसोर्सिंग कंपनी में कार्यरत स्थानीय रैयत विस्थापित मजदूरों को कोल इंडिया के हाई पावर कमेटी द्वारा निर्धारित मजदूरी का भुगतान नहीं हो रहा है. इससे मजदूरों में गहरी नाराजगी है. इसे लेकर रैयत विस्थापित मोर्चा के न्यू बिरसा परियोजना सचिव संजय करमाली के नेतृत्व में गुरुवार को पारगढ़ा में ग्रामीण व मजदूरों की बैठक हुई. बैठक में संजय करमाली ने बताया कि पूर्व में आउटसोर्सिंग कंपनी को मजदूरों से संबंधित आवेदन दिया गया था. जिसमें कंपनी ने सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया था. लेकिन कंपनी द्वारा अभी तक कोई ठोस पहल नहीं की गयी है. मजदूरों से सप्ताह के सातों दिन काम कराया जाता है. एक भी दिन रेस्ट नहीं मिलता है. सेफ्टी मानकों को दरकिनार कर चालकों को 60 किलोमीटर की स्पीड पर गाड़ी चलाने का दबाव बनाया जाता है. संडे को काम के बदले आधी मजदूरी दी जाती है. राष्ट्रीय छुट्टी के दिन भी सिंगल हाजिरी ही मिलता है. अब तक काम पर रखे गये मजदूरों को कंपनी ने ज्वाइनिंग लेटर तक नहीं दिया है. किसी भी मजदूर को कंपनी जब चाहती है काम से बैठा देती है. उन्हें न मेडिकल सुविधा मिलती है, न ही इएसआइसी का लाभ मिलता है. बैठक में निर्णय हुआ कि पूरे मामले को लेकर शुक्रवार से आंदोलन शुरू कर दिया जायेगा. मजदूर काम नहीं करेंगे. मौके पर अशोक करमाली, मंगरा मांझी, पंकज हेंब्रम, विनोद हेंब्रम, विजय सोरेन, आनंद बेसरा, अजय बेसरा, अजय करमाली, सुखराम बेसरा, अजय मरांडी, बंशी मुर्मू, प्रेम सोरेन, अनुज मुंडा, बाबू गंझू, दिनेश मुंडा उपस्थित थे.