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नशे की बुराई के संदेश को गांव तक ले जायें : कुलपति

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नशे की बुराई के संदेश को गांव तक ले जायें : कुलपति

रामगढ़. रामगढ़ महाविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी शुक्रवार से आरंभ हुई. राष्ट्रीय संगोष्ठी झारखंड राज्य उच्चतर शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से रामगढ़ महाविद्यालय द्वारा आयोजित किया जा रहा है. उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के तौर पर विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के कुलपति प्रो चंद्रभूषण शर्मा ने कहा कि नशे से बचना-बचाना आवश्यक है. इसके लिए सर्वप्रथम नशे से होनेवाली हानियों को जानना और समझना जरूरी है. इसे सिर्फ सेमिनार में चर्चा करने से कम नहीं चलेगा. नशा से बचने के लिए गांव-मुहल्लों में इसकी चर्चा करने की आवश्यकता है. समाज का हर वर्ग नशे की बुराइयों से संबंधित संदेश को गांव-मुहल्लों तक ले पहुंचाये. डॉ बख्शी ओम प्रकाश सिन्हा ने संगोष्ठी का विषय चयन के महत्व एवं आवश्यकता पर प्रकाश डाला. प्राचार्या डॉ रत्ना पांडे ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि नशे की बुराइयों को खत्म करने के लिए सोशल मीडिया का बहुत बड़ा रोल हो सकता है. सरकार की नशा मुक्त भारत बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में हमें हर संभव मदद करनी चाहिए. रिसोर्स पर्सन के रूप में पर्यावरण विभाग जीजे विश्वविद्यालय मुरादाबाद के प्रो पीवी तिवारी ने सेमिनार में कहा कि सोशल मीडिया का आविष्कार अच्छे उद्देश्य से हुआ है, लेकिन कुछ लोग सदुपयोग के बजाए दुरुपयोग करने लगे हैं. रिसोर्स पर्सन विनोबा भावे विश्वविद्यालय के सीसीडीसी डॉ केके गुप्ता ने कहा कि अकेलापन दूर करने का साधन सोशल मीडिया अब एडिक्शन बन गया है. सोशल मीडिया का उपयोग और दुरुपयोग हम स्वयं करते हैं : रिसोर्स पर्सन के रूप में लखनऊ की चिकित्सक डॉ चित्रा संभावी ने कहा कि मादक पदार्थ और हानिकारक सोशल मीडिया का उपयोग और दुरुपयोग हम स्वयं करते हैं, लेकिन यह हमेशा हानिकारक नहीं होता है. इसका दुरुपयोग करने वाले हम स्वयं दोषी हैं. विशिष्ट अतिथि रामगढ़ जिला विधिक प्राधिकार के सचिव अनिल कुमार ने कहा कि सोशल मीडिया हमारे व्यक्तिगत एवं सामाजिक जीवन को प्रभावित कर रहा है. विशिष्ट अतिथि लाइफ सेवर्स के फाउंडर अतुल गेरा ने एक टेली फिल्म दिखा कर सबसे पहले नशा-पीड़ित समाज की स्थिति, कारण, हानि और उपाय पर प्रकाश डाला. महाविद्यालय के बर्सर डॉ आरके उपाध्याय ने धन्यवाद ज्ञापन किया. अध्यक्षता प्राचार्या डॉ रत्ना पांडे व संचालन प्रो रोज उरांव व प्रो मोहित जैन ने किया. मौके पर प्रो पीवी तिवारी, डॉ आरके उपाध्याय, प्रो विजेता तिग्गा,शोधार्थियों में सोमनाथ गोप, गीता कुमारी, डॉ कुमार मनोज, सरिता कुमारी, सालो कुमारी उरांव, किरण कुमारी, रीना कुमारी, स्वेता कुमारी, डॉ विजय कुमार सिंह, राधा कुमारी, विष्णु कुमारी, आदर्श कुमार राणा, विजय चौधरी, राजेश कुमार, मनोज कुमार, अमीना खातून, सबा फिरदौस, मो फजल, अनिल रविदास ज्योति कुमारी शामिल थे.

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