[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड रामगढ़ दुलमी के हजारों एकड़ भूमि में लहलहा रही है आलू की खेती

दुलमी के हजारों एकड़ भूमि में लहलहा रही है आलू की खेती

0
दुलमी के हजारों एकड़ भूमि में लहलहा रही है आलू की खेती

दुलमी : दुलमी प्रखंड किसान बाहुल्य क्षेत्र है. यहां की अधिकांश आबादी कृषि पर निर्भर है. फिलहाल ठंड के दिनों में क्षेत्र में आलू की खेती शुरू की गयी है. जिसमें क्षेत्र के हजारों एकड़ भूमि में आलू की फसल लहलहा रही है. दुलमी प्रखंड क्षेत्र के सोसो, दुलमी, चटाक, कुल्ही, पोटमदगा, भालू, होन्हें, सीरू, सिकनी आदि गांवों में व्यापक पैमाने पर आलू की खेती की जा रही है. किसान लक्ष्मण महतो, खिरोधर महतो, हलधर महतो, महेश महतो, धनी राम महतो, जलेश्वर महतो, अरुण, बालदेव सहित कई ने बताया कि 2800 से लेकर 3000 रुपये तक प्रति क्विंटल आलू का बीज लेकर अपने खेतों में लगाये है. इनका कहना है कि जब आलू का फसल तैयार हो जाता है, तब किसानों के बीच आलू बेचने व रखने की समस्या बढ़ जाती है. क्योंकि क्षेत्र में सब्जी मार्केट व सब्जी रखने के लिए स्टोर नहीं है. साथ ही कोल्ड स्टोर का भी अभाव है. जिस कारण किसान सब्जी को क्षेत्र के ही छोटे – छोटे साप्ताहिक बाजार में बेचते हैं. जिससे कम दाम में बिक्री करना पड़ता है. जबकि बीज महंगे दर पर खरीदते है. इससे किसानों को घाटा महसूस होता है. किसानों का यह भी कहना है कि प्रखंड क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा व सब्जी बिक्री के लिए डेली मार्केट और सब्जी स्टोर होने से किसान दोगुनी फसल उत्पादन कर जीविका कमा सकते हैं. किसानों ने सरकार से इस क्षेत्र में कृषि को बढ़ावा देने के लिए सुविधाएं बहाल करने की मांग की है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel