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Home झारखण्ड रामगढ़ पतरातू सुपर थर्मल पावर की दूसरी इकाई का सिंक्रोनाइजेशन, बढ़ेगी बिजली उत्पादन क्षमता

पतरातू सुपर थर्मल पावर की दूसरी इकाई का सिंक्रोनाइजेशन, बढ़ेगी बिजली उत्पादन क्षमता

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पतरातू सुपर थर्मल पावर की दूसरी इकाई का सिंक्रोनाइजेशन, बढ़ेगी बिजली उत्पादन क्षमता
पतरातू सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट. फोटो: प्रभात खबर

पतरातू से अजय तिवारी की रिपोर्ट

Patratu Thermal Power: झारखंड के पतरातू में स्थित पतरातू सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट (फेज-1) के तहत मंगलवार को एक बड़ी उपलब्धि हासिल की गई. परियोजना की दूसरी 800 मेगावाट क्षमता वाली इकाई का सफलतापूर्वक सिंक्रोनाइजेशन कर लिया गया. 17 मार्च को सुबह 10:31 बजे इस यूनिट को राष्ट्रीय विद्युत ग्रिड से जोड़ा गया. इस सफलता के साथ ही राज्य के ऊर्जा क्षेत्र को एक नई मजबूती मिली है और आने वाले समय में बिजली उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है.

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में पूरा हुआ महत्वपूर्ण चरण

इस अहम अवसर पर परियोजना से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ए.के. सहगल, मुख्य महाप्रबंधक (परियोजना) अनुपम मुखर्जी, महाप्रबंधक (ओ एंड एम) मनीष खेतरपाल, महाप्रबंधक (परियोजना) बिश्नु दत्ता दाश, महाप्रबंधक (मेंटेनेंस) ओ.पी. सोलंकी, महाप्रबंधक (कमीशनिंग) जोगेश चंद्र पात्रा और एचओएचआर जियाउर रहमान सहित कई अधिकारी इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने. सभी ने इस उपलब्धि को परियोजना के लिए मील का पत्थर बताया.

टीमवर्क और तकनीकी दक्षता का परिणाम

सीईओ ए.के. सहगल ने इस सफलता का श्रेय परियोजना से जुड़े इंजीनियरों, अधिकारियों और कर्मचारियों को दिया. उन्होंने कहा कि कई तकनीकी और संचालन संबंधी चुनौतियों के बावजूद टीम ने समर्पण और कड़ी मेहनत से यह लक्ष्य हासिल किया है. यह उपलब्धि मजबूत टीमवर्क, बेहतर योजना और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है. उन्होंने बीएचईएल और पीवीयूएनएल की टीमों की विशेष सराहना की.

झारखंड के ऊर्जा क्षेत्र को मिलेगा बड़ा लाभ

दूसरी 800 मेगावाट इकाई के शुरू होने से पतरातू सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट की कुल उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा होगा. यूनिट-2 के ग्रिड से जुड़ने के बाद अब इस परियोजना से कुल 1600 मेगावाट बिजली उत्पादन संभव हो सकेगा. इससे झारखंड सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली की उपलब्धता बेहतर होगी और ऊर्जा संकट से निपटने में मदद मिलेगी.

ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, यह उपलब्धि केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भी एक अहम कदम है. पीवीयूएनएल, बीएचईएल और अन्य सहयोगी एजेंसियों के बीच बेहतरीन समन्वय और तकनीकी दक्षता का यह परिणाम है, जो भविष्य में और बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करेगा.

आने वाले समय में और बढ़ेगी क्षमता

पतरातू सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है. आने वाले समय में परियोजना की अन्य इकाइयों के भी चालू होने की संभावना है, जिससे बिजली उत्पादन क्षमता में और वृद्धि होगी. इससे न केवल झारखंड, बल्कि पूरे देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी.

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राज्य के विकास में अहम भूमिका

इस परियोजना से न सिर्फ बिजली उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा. पतरातू परियोजना झारखंड के आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रही है. यह राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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