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पीवीयूएनएल के लिखित आश्वासन के बाद खत्म हुआ ग्रामीणों का आंदोलन

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पीवीयूएनएल के लिखित आश्वासन के बाद खत्म हुआ ग्रामीणों का आंदोलन

प्रतिनिधि, पतरातू

विस्थापित प्रभावित संघर्ष मोर्चा के बैनर तले पीवीयूएनएल लेबर गेट के समीप मंगलवार से जारी घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन बुधवार को कंपनी से लिखित आश्वासन मिलने के बाद खत्म हो गया. मोर्चा के नेतृत्व में ग्रामीण 14 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे. मोर्चा के प्रतिनिधियों ने बताया कि आंदोलन प्रस्तावित होने के बाद प्रबंधन के साथ 20 जनवरी को वार्ता हुई थी. वार्ता में कंपनी के सीइओ आरके सिंह भी मौजूद थे. कई मुद्दों पर सहमति भी बन गयी थी, लेकिन जब प्रबंधन से मामले में लिखित मांगा गया, तो टालमटोल किया जाने लगा. इसके कारण पूर्व से घोषित आंदोलन शुरू कर दिया गया. प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रबंधन अपने किसी भी वादे पर खरा नहीं उतर रहा है. बुधवार को सुबह पांच बजे से ही ग्रामीण लेबर गेट के समीप डट गये. इसके कारण प्लांट के अंदर मजदूर नहीं गये. कामकाज ठप पड़ गया. दबाव बढ़ने के बाद प्रबंधन को लिखित पत्र देना पड़ा. मोर्चा के प्रतिनिधियों ने आंदोलन में समर्थन के लिए विधायक रोशनलाल चौधरी का आभार जताया. प्लांट के मजदूरों को भी उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया. आंदोलन में आदित्य नारायण प्रसाद, कुमेल उरांव, किशोर महतो, राजाराम प्रसाद, भुवनेश्वर महतो, विजय मुंडा, अब्दुल क्यूम अंसारी, प्रदीप महतो, कौलेश्वर महतो, लालू महतो, कपिल मुंडा, अलीम अंसारी, प्रियनाथ मुखर्जी, राजेश महतो, अशोक महतो, ननकू मुंडा, भरत मांझी, चरण सोरेन, अब्बास अंसारी, सयुब अंसारी, प्रकाश कुमार, कृष्णा मुंडा, रॉकी मुंडा, प्रेम मुंडा, वीरेंद्र, सुमेल उरांव, रिंकू देवी, सपना कुमारी, वीणा कुमारी शामिल थे.

जिन मुद्दों पर बन गयी है सहमति : प्रबंधन के साथ कई मुद्दों पर सहमति बनी है. इसमें पूर्व के पीटीपीएस के विस्थापित प्रभावित व बेरोजगारों का फॉर्म भर कर मुखिया से हस्ताक्षर के बाद कंपनी को जमा करने, समय-समय पर कंपनी के ओएंडएम से मैनपावर बहाली के लिए आनेवाले रिक्वायरमेंट के तहत अधिक से अधिक लोगों को नियुक्ति देने, विभिन्न लंबित मुद्दों पर फरवरी के प्रथम सप्ताह में वार्ता करने, पीवीयूएनएल प्रबंधन द्वारा भेल से जुड़े मुद्दों के संबंध में भेल प्रबंधन से वार्ता कराने, पूर्व से अनस्किल्ड जॉब में कार्यरत विस्थापित प्रभावित को प्रशिक्षण देकर अपग्रेड करने के म़ुद्दे शामिल हैं.

अधिकार मिलने तक लड़ते रहेंगे : कुमेल : विस्थापित -प्रभावित संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधि व भाजपा नेता कुमेल उरांव ने आंदोलन की सफलता पर कहा कि ग्रामीणों की एकजुटता के कारण ही पीवीयूएनएल प्रबंधन को झुकना पड़ा है. हमलोगों को जब तक हमारा वाजिब अधिकार नहीं मिल जाता है, तब तक लड़ते रहेंगे. कंपनी ग्रामीणों के दर्द को समझे. अपना रवैया सकारात्मक बनाये. यदि कंपनी ग्रामीणों के हितों का ख्याल रखेगी, तो उसके कार्यों में पूरा सहयोग किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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