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Home झारखण्ड रामगढ़ पतरातू के पीटीपीएस में आवास खाली कराने पर बढ़ा तनाव, कॉलोनी वासी विरोध में डटे

पतरातू के पीटीपीएस में आवास खाली कराने पर बढ़ा तनाव, कॉलोनी वासी विरोध में डटे

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पतरातू के पीटीपीएस में आवास खाली कराने पर बढ़ा तनाव, कॉलोनी वासी विरोध में डटे
पतरातू के पटेल चौक पर प्रदर्शन करते पीटीपीएस कॉलोनी के लोग. फोटो: प्रभात खबर

पतरातू से अजय तिवारी की रिपोर्ट

Patratu News: झारखंड के रामगढ़ स्थित पतरातू प्रखंड के हेसला पंचायत स्थित पीटीपीएस की अधिग्रहित जमीन पर बने आवासीय परिसर को खाली कराने की सूचना के बाद सोमवार को क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बन गई. प्रशासन द्वारा 6 तारीख को कार्रवाई किए जाने की खबर फैलते ही कॉलोनी के लोग बड़ी संख्या में सड़कों, गलियों और चौक-चौराहों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.

पटेल चौक पर विरोध-प्रदर्शन

कॉलोनी के निवासी अपने-अपने घरों से निकलकर मुख्य स्थल पटेल चौक पर एकत्रित हो गए. वहां लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए साफ कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपने घर खाली नहीं करेंगे. महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की बड़ी भागीदारी से विरोध और अधिक मुखर हो गया है.

जमीन हस्तांतरण बना विवाद की जड़

जानकारी के अनुसार, पीटीपीएस पावर प्लांट बंद होने के बाद इस जमीन को सरकार ने जियाडा (झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण) को सौंप दिया था. इसके बाद जियाडा द्वारा इस भूमि को विभिन्न निजी कंपनियों को उद्योग स्थापना के लिए आवंटित कर दिया गया. इसी प्रक्रिया के तहत प्रशासन द्वारा पहले भी कई बार आवास खाली कराने की कोशिश की जा चुकी है.

न्यायालय के आदेश को लेकर भ्रम की स्थिति

कॉलोनी वासियों का कहना है कि उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है और फिलहाल अदालत की ओर से कार्रवाई पर रोक लगा दी गई है. इसी आधार पर वे अपने घर खाली करने को तैयार नहीं हैं. हालांकि, अंचल अधिकारी का कहना है कि प्रशासन को अब तक किसी प्रकार का स्थगन आदेश प्राप्त नहीं हुआ है, इसलिए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

प्रशासन सतर्क, लोग डटे

स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है और किसी भी संभावित विवाद से निपटने की तैयारी की जा रही है. वहीं, कॉलोनी के लोग भी अपने रुख पर अडिग हैं और लगातार विरोध कर रहे हैं. दोनों पक्षों के बीच टकराव की आशंका को देखते हुए क्षेत्र में तनाव बना हुआ है.

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मौके पर नहीं पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी

समाचार भेजे जाने तक प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे थे, लेकिन कॉलोनी वासी बड़ी संख्या में पटेल चौक पर डटे हुए थे और किसी भी कार्रवाई का विरोध करने के लिए तैयार नजर आ रहे थे. आने वाले समय में स्थिति किस दिशा में जाएगी, इस पर सभी की नजर बनी हुई है.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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