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साहित्य समाज को संवेदनशील बनाता है : सुशील

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साहित्य समाज को संवेदनशील बनाता है : सुशील

दामोदर घाटी कला-संस्कृति मंच का साहित्यिक गोष्ठी सह लोकार्पण समारोह

रामगढ़. दामोदर घाटी कला-संस्कृति मंच ने रविवार को साहित्यिक गोष्ठी सह लोकार्पण समारोह का आयोजन किया. कार्यक्रम में रामगढ़ सहित आसपास के जिलों से लगभग पचास साहित्यकारों व कवियों ने भाग लिया. इस दौरान सभी प्रतिभागी कवियों ने काव्य पाठ किया. इसमें दामोदर घाटी कला-संस्कृति मंच का गठन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता बलराम सिंह ने की. समारोह में सरोज झा झारखंडी के गजल संग्रह तन्हा आदमी व राकेश श्रीवास्तव नाजुक के काव्य संग्रह नाजुक भावना का अनावरण किया गया. नीलोत्पल रमेश की नवीन पुस्तक लीक छाड़ि तीनों चलै का लोकार्पण भी किया गया. स्वतंत्र प्रकाशन समूह संस्थापक सुशील स्वतंत्र ने कहा कि साहित्य समाज को संवेदनशील बनाता है. दामोदर घाटी कला-संस्कृति मंच का उद्देश्य भाषा, साहित्य, कला व संस्कृति को बढ़ावा देना व लेखकों तथा कलाकारों को मंच प्रदान करना है. मंच संरक्षक सरोज झा झारखंडी ने कहा कि मंच द्वारा भाषाई व सांस्कृतिक विविधता का सम्मान व संरक्षण किया जायेगा. मंच संयोजक राकेश श्रीवास्तव नाजुक ने कहा कि मंच सभी भाषाओं व बोलियों को समान महत्व देते हुए डिजिटल व प्रिंट माध्यम से साहित्य का प्रचार करेगा. मंच संचालन चंद्रिका ठाकुर देशदीप ने किया. मौके पर डॉ अशरफ अली, रेहाना अशरफ, प्रीति कुमारी, डॉ गुलांचो कुमारी, मेघनाथ प्रसाद, राजू राम, विनय कुमार शर्मा, राजकुमार गीत, डॉ नीलोत्पल रमेश, बसंत हेतमसरिया, राज रामगढ़ी, प्रो गजेंद्र कुमार सिंह, प्रो विवेकानंद पांडेय, दीक्षा कुमारी साहू, अमित कुमार दुबे, मनोज विश्वदीप, डॉ कृष्णा गोप, बिकास चंद्र झा, विक्रांत गुप्ता, उत्सव कुमार, अधिवक्ता डॉ सीता स्वतंत्र, गायत्री देवी, इशिता कुमारी, रेयांश कुमार, सुशील स्वतंत्र, राजेश दुबे, दिनेश्वर महतो, बासु बिहारी, डॉ संजय कुमार सिंह, अयोध्या प्रसाद अवध, किशन आनंद उपस्थित थे.

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