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Home झारखण्ड पलामू तुलसीदास ने रामचरितमानस से जीवन की सही राह दिखायी

तुलसीदास ने रामचरितमानस से जीवन की सही राह दिखायी

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तुलसीदास ने रामचरितमानस से जीवन की सही राह दिखायी

मेदिनीनगर. पंडित रामदीन पांडेय शोध संस्थान के तत्वावधान में बेलवाटिका स्थित बंधन मैरिज हॉल में गोस्वामी तुलसीदास की 527वीं एवं पंडित रामदीन पांडेय की 129वीं जयंती मनायी गयी. कार्यक्रम का उदघाटन पूर्व स्पीकर इंदर सिंह नामधारी, पूर्व विधायक देवेंद्र कुमार सिंह उर्फ बिट्टू सिंह ने संयुक्त रूप से किया. मौके पर श्री नामधारी ने कहा कि तुलसीदास ने रामचरितमानस की रचना कर दुनिया को जीवन की सही राह दिखायी है. तुलसीदास की राम राज्य की परिकल्पना को साकार कर सर्वत्र खुशहाली व शांति लायी जा सकती है. उन्होंने इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए डॉ सत्यकेतु संजय की सराहना करते हुए कहा कि महापुरुषों के व्यक्तित्व व कृतित्व को बताकर समाज को जगाना एक महनीय कार्य है. वहीं देवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि उनके पिता स्व विदेश सिंह ने जैतुखाड़ मोड़ के पास पंडित रामदीन पांडेय के नाम से तोरणद्वार बनवाकर उनकी अद्वितीय विद्वता को सम्मान दिया है. हम इस कार्य को आगे बढ़ायेंगे. श्री श्याम नारायण दुबे ने गोस्वामी तुलसीदास को दुनिया का मार्गदर्शक तथा पंडित रामदीन पांडेय को प्रकाश पुंज बताया. पत्रकार गोकुल बसंत ने कहा कि पंडित रामदीन पांडेय की पुस्तकों के पुनर्प्रकाशन के साथ उनकी अप्रकाशित पांडुलिपियों की खोज कर प्रकाशित किया जाना चाहिए. राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक हरिवंश प्रभात ने गीत के माध्यम से पंडित रामदीन पांडेय की महानता का बखान किया. शिक्षक परशुराम तिवारी ने कहा कि पंडित रामदीन पांडेय ने पलामू के इतिहास पुस्तक में महीपति मेदिनीराय व वीरपुंग एवं नीलांबर-पीतांबर की उपेक्षा पर क्षोभ व्यक्त कर समाज को जागृत करने का प्रयास किया है. अध्यक्षता ज्योतिर्विद विजयानंद सरस्वती ने की. संचालन डॉ सत्यकेतु संजय ने किया. स्वागत भाषण अधिवक्ता शिवनाथ अग्रवाल ने दिया. मौके पर ज्ञानचंद पांडेय, अधिवक्ता बलराम तिवारी, अखिलेश्वर प्रसाद, केडी सिंह, श्याम नारायण सिंह, ओम प्रकाश द्विवेदी, उमेश पाठक रेणु, एमजे अजहर, सुषमा श्रीवास्तव, रीना प्रेम दुबे व धनंजय पाठक ने विचार रखे. इस अवसर पर सत्यनारायण तिवारी, भीम प्रसाद, वंदना श्रीवास्तव, सुरेंद्र तिवारी, अशोक तिवारी, सुरेंद्र गुप्ता, अंजनी दुबे, नवलेश दुबे, सत्येंद्र पांडेय, नीरज पांडेय, अखिलेश पांडेय, सुनील सिंह, श्रीवत्स शांडिल्य, अलख नारायण सिंह, मनीष भिवानिया, श्रीकांत पांडेय, अखिलेश कुमार पांडेय, सुधाकर पांडेय, रेवती रमण, वररूचि राकेश आदि मौजूद थे.

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