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सांप का जहर व पैंगुलिन मामले में दो महिला सहित छह गिरफ्तार

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सांप का जहर व पैंगुलिन मामले में दो महिला सहित छह गिरफ्तार

मेदिनीनगर/बेतला वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो व पीटीआर ने शनिवार को छापामारी कर चार केजी 300 ग्राम पैंगुलिन शल्क बरामद किया है. जबकि तीन देसी बंदूक एक मोर का पर वह हड्डी का चूर्ण बरामद किया गया है. इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है. जिसमें गारु से चार, महुआडांड़ से एक व सल्वे से एक लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसकी पुष्टि डिप्टी डायरेक्टर पीटीआर प्रजेश जेना ने की है. जानकारी के अनुसार जिसमें दो महिला व चार युवक शामिल है. इस मामले में अब तक कुल 16 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. जबकि वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो व वन विभाग ने शुक्रवार को छापेमारी कर सात केजी पैंगुलिन शल्क बरामद किया था. जिसका अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य करीब 56 लाख बताया जाता है. इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था. जिसमें शहर थाना क्षेत्र से रिटायर्ड शिक्षक गोपाल प्रसाद सिंह, गढ़वा चिनिया के अलियार मियां, राहुल कमार, मानकी सिंह, समितुला मियां, तैयब अंसारी, अनिल यादव व विनोद चंद्रवंशी शामिल है. मालूम हो की दो दिन पूर्व वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो व वन विभाग ने फ्रांस निर्मित एक केजी 200 ग्राम सांप का शुद्ध जहर बरामद किया था. जिसका अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 80 करोड़ बताई जाती है. इसके साथ ढाई केजी पैंगुलिन शल्क भी बरामद किया गया था. इसका अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 20 लाख बताया जाता है. इस मामले में वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो व वन विभाग ने औरंगाबाद के देव से 60 वर्षीय मोहम्मद सिराज, 36 वर्षीय मोहम्मद मिराज व हरिहरगंज के कौवाखोह से 50 वर्षीय राजू कुमार को गिरफ्तार किया है. मोहम्मद सिराज व मिराज पिता पुत्र हैं. वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो को सूचना मिली थी कि पलामू में सांप के जहर का खरीद बिक्री किया जाता है. इसके बाद वन विभाग ने औरंगाबाद के देव से मोहम्मद सिराज व मोहम्मद मिराज जो कि बाप बेटे हैं. उन्हें गिरफ्तार किया गया. उसने वन विभाग को बताया कि हरिहरगंज का रहने वाले राजू कुमार सांप के जहर का खरीद बिक्री करता है. इसके बाद राजू कुमार को भी गिरफ्तार किया गया था. राजू कुमार हरिहरगंज बाजार में गुड़ व महुआ का दुकान चलाता है. दुकान से हीं इस तरह का कारोबार करता है. इस रैकेट में पलामू के एक दर्जन से ऊपर लोग शामिल है. सांप के जहर का निर्माण फ्रांस में किया गया है. सांप के जहर का उपयोग यौन उत्तेजना व नशे में इसका उपयोग किया जाता है. सांप का जहर काफी महंगा होता है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत एक ग्राम सांप के जहर की कीमत आठ लाख बतायी जाती है. वैज्ञानिक शोध कम होने के बावजूद भी साँप के ज़हर का इस्तेमाल अक्सर मनोरंजन के लिए किया जाता है. इसकी तस्करी करोड़ों डॉलर का अवैध धंधा है. न्यूरोटॉक्सिन के विभिन्न रूप, विशेष रूप से निकोटिनिक एसिटाइलकोलाइन रिसेप्टर्स से जुड़ते हैं, जो मानव मस्तिष्क क्षेत्र में व्यापक रूप से वितरित होते हैं. मनुष्य इसको लेने के बाद उत्साहपूर्ण अनुभव करते हैं. वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो व पीटीआर ने शनिवार को छापामारी कर चार केजी 300 ग्राम पैंगुलिन शल्क बरामद किया है. जबकि तीन देसी बंदूक एक मोर का पर वह हड्डी का चूर्ण बरामद किया गया है. इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है. जिसमें गारु से चार, महुआडांड़ से एक व सल्वे से एक लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसकी पुष्टि डिप्टी डायरेक्टर पीटीआर प्रजेश जेना ने की है. जानकारी के अनुसार जिसमें दो महिला व चार युवक शामिल है. इस मामले में अब तक कुल 16 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. जबकि वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो व वन विभाग ने शुक्रवार को छापेमारी कर सात केजी पैंगुलिन शल्क बरामद किया था. जिसका अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य करीब 56 लाख बताया जाता है. इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था. जिसमें शहर थाना क्षेत्र से रिटायर्ड शिक्षक गोपाल प्रसाद सिंह, गढ़वा चिनिया के अलियार मियां, राहुल कमार, मानकी सिंह, समितुला मियां, तैयब अंसारी, अनिल यादव व विनोद चंद्रवंशी शामिल है. मालूम हो की दो दिन पूर्व वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो व वन विभाग ने फ्रांस निर्मित एक केजी 200 ग्राम सांप का शुद्ध जहर बरामद किया था. जिसका अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 80 करोड़ बताई जाती है. इसके साथ ढाई केजी पैंगुलिन शल्क भी बरामद किया गया था. इसका अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 20 लाख बताया जाता है. इस मामले में वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो व वन विभाग ने औरंगाबाद के देव से 60 वर्षीय मोहम्मद सिराज, 36 वर्षीय मोहम्मद मिराज व हरिहरगंज के कौवाखोह से 50 वर्षीय राजू कुमार को गिरफ्तार किया है. मोहम्मद सिराज व मिराज पिता पुत्र हैं. वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो को सूचना मिली थी कि पलामू में सांप के जहर का खरीद बिक्री किया जाता है. इसके बाद वन विभाग ने औरंगाबाद के देव से मोहम्मद सिराज व मोहम्मद मिराज जो कि बाप बेटे हैं. उन्हें गिरफ्तार किया गया. उसने वन विभाग को बताया कि हरिहरगंज का रहने वाले राजू कुमार सांप के जहर का खरीद बिक्री करता है. इसके बाद राजू कुमार को भी गिरफ्तार किया गया था. राजू कुमार हरिहरगंज बाजार में गुड़ व महुआ का दुकान चलाता है. दुकान से हीं इस तरह का कारोबार करता है. इस रैकेट में पलामू के एक दर्जन से ऊपर लोग शामिल है. सांप के जहर का निर्माण फ्रांस में किया गया है. सांप के जहर का उपयोग यौन उत्तेजना व नशे में इसका उपयोग किया जाता है. सांप का जहर काफी महंगा होता है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत एक ग्राम सांप के जहर की कीमत आठ लाख बतायी जाती है. वैज्ञानिक शोध कम होने के बावजूद भी साँप के ज़हर का इस्तेमाल अक्सर मनोरंजन के लिए किया जाता है. इसकी तस्करी करोड़ों डॉलर का अवैध धंधा है. न्यूरोटॉक्सिन के विभिन्न रूप, विशेष रूप से निकोटिनिक एसिटाइलकोलाइन रिसेप्टर्स से जुड़ते हैं, जो मानव मस्तिष्क क्षेत्र में व्यापक रूप से वितरित होते हैं. मनुष्य इसको लेने के बाद उत्साहपूर्ण अनुभव करते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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