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Home झारखण्ड पलामू नाप दिए गए छतरपुर के एमओ साहब, वित्त मंत्री की अनुशंसा के बावजूद नहीं किए थे राशन कार्डधारी का काम

नाप दिए गए छतरपुर के एमओ साहब, वित्त मंत्री की अनुशंसा के बावजूद नहीं किए थे राशन कार्डधारी का काम

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नाप दिए गए छतरपुर के एमओ साहब, वित्त मंत्री की अनुशंसा के बावजूद नहीं किए थे राशन कार्डधारी का काम
छतरपुर अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण करते वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर. फोटो: प्रभात खबर

छतरपुर से निखिल सिन्हा की रिपोर्ट

Palamu News: झारखंड सरकार के वित्त मंत्री सह स्थानीय विधायक राधा कृष्ण किशोर ने मंगलवार को पलामू जिले के छतरपुर अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान कार्यालय में कई तरह की अनियमितताएं, लापरवाही और अव्यवस्था सामने आईं. आम लोगों की शिकायतें सुनने के बाद मंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाई और कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए. निरीक्षण के दौरान एक राशन कार्डधारी की शिकायत सुनकर मंत्री खासे नाराज हो गए. उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई का आदेश जारी कर दिया.

डेढ़ साल से लंबित पड़ा था राशन कार्ड का मामला

निरीक्षण के दौरान नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड नंबर सात निवासी रामनंदन ठाकुर ने वित्त मंत्री के समक्ष अपनी समस्या रखी. उन्होंने बताया कि 26 जनवरी 2025 को उन्होंने अपने राशन कार्ड को अंत्योदय कार्ड में परिवर्तित करने के लिए आवेदन दिया था. लाभुक के अनुसार इस आवेदन की अनुशंसा स्वयं वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने की थी. इसके बावजूद करीब डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने बताया कि वह लगातार कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया.

मंत्री ने जताई नाराजगी, कार्रवाई का दिया आदेश

लाभुक की शिकायत सुनने के बाद वित्त मंत्री ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना. उन्होंने तत्काल पलामू के उप विकास आयुक्त (डीडीसी) को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी. मंत्री ने मार्केटिंग ऑफिसर (एमओ) रॉकी कुमार के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि किसी पात्र लाभुक को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में इस प्रकार की देरी बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनहित से जुड़े मामलों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा.

महिलाओं ने भी सुनाई अपनी समस्याएं

निरीक्षण के दौरान प्रखंड के सिलदाग गांव से आई कुछ महिलाओं ने भी अपनी समस्याएं मंत्री के समक्ष रखीं. महिलाओं ने बताया कि जमीन संबंधी मामलों के समाधान के लिए उन्हें बार-बार कार्यालय आना पड़ रहा है, लेकिन उनकी समस्याओं का समय पर निपटारा नहीं हो रहा है. वित्त मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिलाओं की शिकायतों का तत्काल समाधान किया जाए. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर कटवाना उचित नहीं है.

जनता को परेशान न करने की चेतावनी

राधा कृष्ण किशोर ने अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों का उद्देश्य लोगों को सुविधा देना है, न कि उन्हें परेशान करना. मंत्री ने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाएं तथा लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें. उन्होंने जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया.

कार्यालय में गंदगी देखकर भड़के मंत्री

निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री की नजर अंचल कार्यालय परिसर और कमरों में फैली गंदगी पर भी पड़ी. कार्यालय की साफ-सफाई व्यवस्था को देखकर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कहा कि सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता की अनदेखी किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी. उन्होंने नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने और कार्यालय परिसर को साफ-सुथरा रखने का निर्देश दिया.

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प्रशासनिक व्यवस्था सुधारने पर जोर

निरीक्षण के अंत में वित्त मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ समय पर आम जनता तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है. उन्होंने पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित कार्य निष्पादन पर विशेष बल दिया. मंत्री के इस औचक निरीक्षण के बाद कार्यालय कर्मियों में हलचल देखी गई. माना जा रहा है कि निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर जल्द आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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