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सात साल बाद भी आइसीयू नहीं, गंभीर मरीज हो रहे रेफर

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सात साल बाद भी आइसीयू नहीं, गंभीर मरीज हो रहे रेफर

डीएमएफटी फंड से 60 लाख आवंटित होने के बावजूद सुविधा शुरू नहीं

प्रतिनिधि, मेदिनीनगर

प्रमंडलीय मुख्यालय स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल की स्थापना के सात वर्ष बीत जाने के बाद भी यहां आईसीयू (इंटेंसिव केयर यूनिट) की सुविधा शुरू नहीं हो सकी है. इसके अभाव में गंभीर मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. चिकित्सक गंभीर रूप से बीमार मरीजों को तत्काल बाहर रेफर कर देते हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं. ऐसी स्थिति में मरीजों को या तो निजी अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ता है या फिर रांची अथवा अन्य बड़े शहरों की ओर रुख करना पड़ता है. इसका सीधा असर परिजनों पर पड़ता है. एक ओर मानसिक तनाव झेलना पड़ता है, तो दूसरी ओर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ता है.सबसे अहम बात यह है कि अस्पताल में आइसीयू स्थापना के लिए डीएमएफटी (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट) फंड से करीब 60 लाख रुपये की राशि आवंटित की गयी थी. इसके बावजूद अब तक आइसीयू की सुविधा शुरू नहीं हो सकी है. सूत्रों के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन की ओर से फरवरी 2026 में आइसीयू चालू करने की बात कही गयी थी. इसके लिए सदर अस्पताल भवन के दूसरे तल्ले पर कमरा भी चिन्हित किया गया था. बताया जाता है कि संबंधित कमरे की साफ-सफाई करायी गयी थी और पाइपलाइन के लिए दीवार भी तोड़ी गयी थी. हालांकि वर्तमान में वहां केवल पांच से सात जर्जर बेड ही पड़े हैं. आइसीयू से संबंधित आवश्यक उपकरण और अन्य व्यवस्थाएं अब तक नहीं की गयी हैं. अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस दिशा में सक्रियता नहीं दिखने से लोगों में नाराजगी है. वहीं सूत्रों का यह भी दावा है कि आवंटित राशि के उपयोग को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. अब जरूरत है कि संबंधित विभाग इस मामले की जांच कर आइसीयू की सुविधा जल्द से जल्द बहाल करे, ताकि गंभीर मरीजों को राहत मिल सके.

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