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जब तक अलग देश पहड़िया को नहीं मिलेगा, इसका विकास संभव नहीं है : हिल एसेंबली

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जब तक अलग देश पहड़िया को नहीं मिलेगा, इसका विकास संभव नहीं है : हिल एसेंबली

लिट्टीपाड़ा. अखिल भारतीय आदिम जनजाति विकास समिति के बैनर तले मंगलवार को मांझी विजय मरांडी स्टेडियम में 201वां दामिन स्थापना यादगार दिवस समारोह का आयोजन हिल एसेंबली पहाड़िया महासभा द्वारा किया गया. कार्यक्रम में दुमका, गोड्डा, साहिबगंज एवं पाकुड़ के पहाड़िया समुदाय के लोग शामिल हुए. कार्यक्रम के उपरांत राष्ट्रपति के नाम बीडीओ को ज्ञापन सौंपकर पहाड़िया जाति के लिए अलग से सौउरिया देश की मांग की. महासभा के महासचिव शिवचरण मालतो ने कहा कि आजाद भारत में हमें संवैधानिक सत्ता भी चाहिए और प्रशासनिक अधिकार भी चाहिए. लेकिन वर्तमान समय में पहाड़िया समुदाय सभी सुविधाओं से वंचित है. उन्होंने कहा कि महासम्मेलन के माध्यम से सरकार को यह संदेश देना चाहता हूं कि अब पहाड़िया समुदाय जाग गया है. हमें अपना अधिकार चाहिए. कहा कि छह विधानसभा और दो लोकसभा सीट है. उसे पहाड़िया के लिए अलग करते हुए हमें समर्पित करें, तभी जाति का संरक्षण और कल्याण हो सकता है. कहा कि हमलोग साजिश के शिकार बन गए हैं. छोटे-छोटे विकास से हम लोगों का शोषण किया जा रहा है. आज भी अत्याचार और शोषण में कमी नहीं आयी है. निजी जनप्रतिनिधि के बगैर हम इस जनजाति को संरक्षण नहीं दे सकते. दूसरे जाति के लोग हमारा संरक्षण नहीं बल्कि हमारा शोषण कर रहे हैं. जब तक अलग देश पहड़िया को नहीं मिलेगा, इसका विकास सम्भव नहीं है. अंग्रजों के शासनकाल में 1894 में सौउरिया कंट्री बनाया गया था. तब यहां के राजा पहड़िया हुआ करते थे. गुलामी के खिलाफ अंग्रेजों के विरोध में 1771 में पहाड़िया ने ही पहला बिगुल फूंका था. तभी वारेन हेस्टिंग्स द्वारा 1300 पहाड़िया बटालियन का गठन किया गया था. मौके पर महेश कुमार मालतो, राजू पुजहर, मोतीलाल सिंह पहाड़िया, डेविड मालतो, बैजनाथ पहाड़िया सहित अन्य लोग उपस्थित थे.

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