[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड पाकुड़ छठ पूजा को लेकर सजने लगे हैं बाजार, 150 रुपये में बिक रहा सूप

छठ पूजा को लेकर सजने लगे हैं बाजार, 150 रुपये में बिक रहा सूप

0
छठ पूजा को लेकर सजने लगे हैं बाजार, 150 रुपये में बिक रहा सूप

प्रतिनिधि, पाकुड़. छठ पूजा को लेकर जिला मुख्यालय समेत प्रखंड मुख्यालय में चहल-पहल देखी जा रही है. छठ पूजा में उपयोग होने वाले पूजन सामग्री को लेकर बाजार सजने लगा है. बाजार में जगह-जगह डाला, दउरा, सूप और डगरा की दुकानें सज गयी है. बांस अत्यधिक शुद्ध माना जाता है. इसलिए लोग बांस से बनी वस्तु की मांग कर रहे हैं. वहीं इसके अलावा पीतल के बने डाला और सूप को लेना भी लोग पसंद कर रहे हैं. हालांकि पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष डाला सूप पर महंगाई का रंग चढ़ गया है. बावजूद आस्था के आगे लोग महंगाई की परवाह नहीं कर रहे हैं. इस बार बाजार में सूप के दामों में पिछले वर्ष की तुलना में अत्यधिक कीमत पर बिक रहे हैं. सूप जहां 90 से 100 रुपये में मिल जाते थे, वहीं वर्तमान में 150 रुपये बिक रहें हें. वहीं छोटा डलिया, बड़ा डलिया में भी 40 से 50 रुपये की बढ़ोतरी देखी जा रही है. सूप, डलिया बनाने वाली कारीगर प्रीतिलता मोहली ने कहा कि बांस का उत्पादन कम होने से बांस मालिक ऊंचे दामों में बांस बेच रहे हैं, जिस कारण हमलोग मजदूरी में सिर्फ कुछ रुपये की बढ़ोतरी किए हैं. बताया कि किसी तरह व्यापार चलाया जा रहा है. बाजार में प्लास्टिक व धातु से बने सामान भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है. इसकी खरीदारी करने के बाद लोग कई वर्षों तक इसे खरीदने से छ़ुटकारा पा लेते हैं. प्लास्टिक के सामानों से व्यवसाय प्रभावित होता जा रहा है. बाजार में सस्ते मूल्य पर प्लास्टिक की डलिया, सूप आदि उपलब्ध हो जाती है. कहा कि धार्मिक दृष्टिकोण से मिट्टी व बांस से बने सामानों को शुद्ध माना जाता है. श्रद्धालुओं को इस ओर ध्यान देना चाहिए.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel