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मानसून की बेरुखी से खरीफ फसल की खेती पर पड़ रहा है असर

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मानसून की बेरुखी से खरीफ फसल की खेती पर पड़ रहा है असर

पाकुड़. इस साल भी मानसून के बेरुखी के कारण खरीफ फसल की खेती पर असर पड़ रहा है. हालत यह है कि किसान त्राहिमाम कर रहे हैं. बारिश के अभाव में धान का बिचड़ा किसान नहीं डाल पाए हैं. जिले में सुखाड़ जैसी स्थिति है. किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं. हालांकि लगातार दो दिनों से हो रही बारिश से कुछ राहत मिली है. खेत-खलिहान में कुछ पानी जमा हुआ है. कृषि कार्यालय के अनुसार जिले में जून माह में 169.6 एमएम बारिश होने का लक्ष्य निर्धारित था, जिसमे मात्र 15.5 प्रतिशत ही बारिश हुई है, जोकि धान के बिचड़े के लिए पर्याप्त नहीं है. जिला कृषि पदाधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि इस वर्ष 10 हजार हेक्टेयर में धान का बिचड़ा डालने का लक्ष्य रखा गया है. इसको लेकर विभाग की ओर से एक हजार क्विंटल धान का बीज जिले के दो मॉडल लैंप्स हिरणपुर व पाकुड़िया को दिया गया है. इसके माध्यम से आसपास के लैंप्स को बीज दिया जाना है. पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण किसान अपने खेतों में अभी तक बीज नहीं डाल पाए हैं. दो दिनों से लगातार हो रही बारिश से किसान बीज डाल पायेंगे. यदि जुलाई में अच्छी बारिश होती है तो लक्ष्य के अनुसार बिचड़ा भी डाला जायेगा.

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