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Home झारखण्ड पाकुड़ संताली साहित्य दिवस पर रंगारंग कार्यक्रम, भाषा-संस्कृति संरक्षण पर जोर

संताली साहित्य दिवस पर रंगारंग कार्यक्रम, भाषा-संस्कृति संरक्षण पर जोर

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संताली साहित्य दिवस पर रंगारंग कार्यक्रम, भाषा-संस्कृति संरक्षण पर जोर

प्रतिनिधि,पाकुड़. केकेएम कॉलेज के बहुउद्देशीय सभागार में शनिवार को आदिवासी छात्र-छात्राओं द्वारा संताली साहित्य दिवस का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में भाषण, गीत-संगीत एवं पारंपरिक नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बीडीओ समीर अल्फ्रेड मुर्मू, डॉ. शिव प्रसाद लोहरा, डॉ. सुशीला हांसदा एवं शकुंतला मुंडा उपस्थित रहे. इस अवसर पर साहित्यकार प्रभुनाथ हेंब्रम ने अपनी किताब का वितरण अतिथियों के बीच किया. अपने संबोधन में अतिथियों ने संताली भाषा एवं साहित्य के संरक्षण और संवर्धन पर विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि संताली साहित्य दिवस का ऐतिहासिक महत्व है और आदिवासी समाज को अपने इतिहास, परंपरा एवं संस्कृति से जुड़े रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि भाषा और साहित्य को संरक्षित कर ही समाज का समग्र विकास संभव है. वक्ताओं ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में आदिवासी समाज शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है और युवा पीढ़ी समाज को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं एवं गणमान्य लोगों की भागीदारी रही. मौके पर चंद्र ज्ञान तिर्की, मो. सफारूद्दीन अंसारी, जामिन हेम्ब्रम, डॉ. फ्रेडरिक केरकेट्टा, मुन्ना हेम्ब्रम, कमल मुर्मू, जेम्स मुर्मू, सावित्री सोरेन, कविता कुमारी, डॉ. सुनील कुमार गुप्ता, संगीता तिर्की, सिबु हांसदा, मासी मरांडी, चुंडा सोरेन सहित अन्य उपस्थित थे.

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