लोहरदगा़ सिमडेगा-गुमला बॉर्डर पर हुए एक भीषण स्कॉर्पियो हादसे में लोहरदगा के पांच लोगों की मौत के बाद शहर के राहत नगर मोहल्ले में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है. इस दर्दनाक दुर्घटना में मुस्तफा और उसकी पत्नी समेत तीन मासूम बच्चों (कुल पांच लोग) की असमय मौत की खबर से हर कोई स्तब्ध है. मोहल्ले के लोगों को यकीन नहीं हो रहा है कि जो बच्चे सुबह तक गलियों में उछल-कूद कर रहे थे और परिवार के मुखिया मुस्तफा, जो सभी से बेहद गर्मजोशी से मिलते थे, वे अब इस दुनिया में नहीं रहे. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल : अचानक हुई इस हृदयविदारक घटना से मुस्तफा के परिजनों और आसपास के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है. हादसे के बाद मुस्तफा के घर का दरवाजा बंद है और सभी रिश्तेदार व परिजन रांची स्थित रिम्स अस्पताल पहुंचे हैं, जहां इस घटना में गंभीर रूप से घायल हुए तीन अन्य लोग जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं. राहत नगर और पूरे लोहरदगा के लोग मर्माहत हैं और रिम्स में इलाजरत मुस्तफा की दो बेटियों एवं अमन के शीघ्र स्वस्थ होने की दुआएं मांग रहे हैं. सांसद व जनप्रतिनिधियों ने सिमडेगा प्रशासन से की बात : घटना की जानकारी मिलते ही लोहरदगा के सांसद सुखदेव भगत ने त्वरित पहल करते हुए सिमडेगा उपायुक्त (डीसी) से फोन पर बात की और पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी मदद उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. सांसद के आप्त सचिव आलोक साहू ने भी सिमडेगा डीसी से संपर्क साधकर मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम जल्द से जल्द कराकर परिजनों को सौंपने का आग्रह किया, ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा सके. इधर, सिमडेगा के कांग्रेस प्रभारी डॉ अजय शाहदेव ने स्थानीय विधायक से बात कर घटना की विस्तृत जानकारी ली. इसके बाद वे रांची रिम्स पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की तथा डॉक्टरों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने को कहा. इस भीषण हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है.