विद्यालय प्रबंधन समिति की अध्यक्ष अंजूषा उरांव ने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम से बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है. इससे बच्चे न केवल अन्य राज्यों की संस्कृति, भाषा और खान-पान को समझते हैं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सहयोग की भावना भी विकसित होती है.विद्यालय के प्रधानाध्यापक अरुण राम ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पीएम श्री योजना के अंतर्गत ऐसे नवाचार आधारित कार्यक्रम बच्चों को व्यवहारिक ज्ञान देने में सहायक हैं. उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा को रुचिकर बनाया जा सकता है, जिससे बच्चों में सीखने की ललक बढ़ती है। भविष्य में भी विद्यालय इस प्रकार के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा.
