[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड लोहरदगा स्थानीय भाषा और कहानियों से संवरेगा बच्चों का भविष्य

स्थानीय भाषा और कहानियों से संवरेगा बच्चों का भविष्य

0
स्थानीय भाषा और कहानियों से संवरेगा बच्चों का भविष्य

लोहरदगा़ झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के मार्गदर्शन में डायट, चिरी में आयोजित दो दिवसीय स्कूल म्यूजियम एवं स्टोरीटेलिंग फेस्टिवल कार्यशाला बुधवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. कार्यक्रम का उद्घाटन जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीइओ) सुनंदा दास एवं अपर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मोनीदीपा बनर्जी ने किया. मौके पर डीइओ ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में स्थानीय भाषाओं और सांस्कृतिक समावेशन के महत्व पर जोर दिया. संस्कृति से जुड़कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पायेंगे बच्चे : डीइओ सुनंदा दास ने कहा कि स्कूल म्यूजियम की स्थापना से समुदाय विद्यालय से जुड़ेगा और बच्चों में अपनी विरासत के प्रति सम्मान विकसित होगा. यह प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों की बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षता को सुदृढ़ करने का एक प्रभावी माध्यम है. कार्यशाला में छत्तीसगढ़ से आये वरिष्ठ विशेषज्ञ संजय गुलाटी ने शिक्षकों को कहानी सुनाने की कला और स्थानीय संसाधनों से म्यूजियम निर्माण का विशेष प्रशिक्षण दिया. सीखने के स्तर में आयेगा गुणात्मक सुधार : कार्यशाला में विभिन्न प्रखंडों से आये बीआरपी, सीआरपी तथा शिक्षकों को बताया गया कि कहानी कहने की पद्धति बच्चों की कल्पनाशक्ति और भाषा विकास में सहायक है. समापन के अवसर पर प्रतिभागियों ने अपने-अपने विद्यालयों में स्टोरी टेलिंग फेस्टिवल आयोजित करने और स्कूल म्यूजियम स्थापित करने का संकल्प लिया. वक्ताओं ने कहा कि बहुभाषी शिक्षा के माध्यम से बच्चों के सीखने के स्तर में गुणात्मक सुधार लाया जा सकता है.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel