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आदिवासी संघर्ष मोर्चा 29 को राजभवन का करेगा घेराव

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आदिवासी संघर्ष मोर्चा 29 को राजभवन का करेगा घेराव

मनिका़ प्रखंड के सेवन गांव में सोमवार को आदिवासी संघर्ष मोर्चा की बैठक हुई. इसमें आगामी 29 अगस्त को होने वाले झारखंड राजभवन घेराव और धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की गयी. बैठक की शुरुआत झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन तथा शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गयी. इस दौरान आदिवासी संघर्ष मोर्चा के पलामू प्रमंडलीय अध्यक्ष कमेश सिंह चेरो ने कहा कि यह आंदोलन जल, जंगल, जमीन, पेसा कानून और खनिज संपदा पर कॉर्पोरेट कब्जे का विरोध तथा आदिवासियों के हक-अधिकारों की रक्षा के लिए किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन के बल पर राज्य तो बना, लेकिन आंदोलन के सपने आज भी अधूरे हैं. आज भी आदिवासी अपने हक और अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे हैं. जिन परिवारों ने अलग राज्य के लिए बलिदान दिया, वे आज भी डर और उपेक्षा के माहौल में जी रहे हैं. उन्होंने केंद्र सरकार पर आदिवासी विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार जल, जंगल और जमीन को कॉर्पोरेट घरानों को सौंपना चाहती है. श्री चेरो ने बताया कि लातेहार, मनिका, महुआडांड़, चिपादोहर, गारू सहित पलामू प्रमंडल के क्षेत्रों में हजारों एकड़ गैरमजरूआ जमीन आदिवासियों से छीनी जा रही है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. पेसा कानून लागू नहीं करना और सीएनटी एक्ट का पालन न होना सरकार की विफलता को दर्शाता है. बैठक की अध्यक्षता मरियम तिर्की ने की और संचालन राजेश्वर सिंह ने किया. मौके पर लक्ष्मण सिंह चेरो, सीताराम सिंह चेरो, गिरजा सिंह चेरो, कुलदीप सिंह चेरो, मंगल सिंह चेरो, रामदयालु सिंह चेरो, पंकज सिंह चेरो, प्रमिला देवी, सरिता देवी, सुरती देवी, इंजोरा देवी, रोहित देवी, प्रिंस उरांव, लाल सहाय उरांव समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे.

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