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विवादित बैगई भूमि का मामला सुलझा, सरना समाज ने की घेराबंदी

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विवादित बैगई भूमि का मामला सुलझा, सरना समाज ने की घेराबंदी

महुआडांड़़ प्रखंड मुख्यालय स्थित अंबाटोली मौजा की 2 एकड़ 40 डिसमिल बैगई भूमि का विवाद आखिरकार सुलझ गया है. अनुमंडल न्यायालय के फैसले के बाद आदिवासी सरना समाज के नेतृत्व में उक्त भूमि की तार-जाली से घेराबंदी कर दी गयी. यह कार्य बैगा मंगलदेव नगेसिया की अध्यक्षता में संपन्न हुआ. विवाद और न्यायिक प्रक्रिया : विदित हो कि 21 अगस्त 2025 को जब सरना समाज व आदिवासी विकास एकता मंच के लोग घेराबंदी कर रहे थे, तब हिंदू महासभा के हस्तक्षेप के कारण कार्य रुक गया था. इसके बाद मामला उपायुक्त और एसडीओ के पास पहुंचा. गहन जांच और सुनवाई के बाद न्यायालय ने सरना समाज के पक्ष में फैसला सुनाया. बैगा मंगलदेव नगेसिया ने स्पष्ट किया कि यह उनकी पारंपरिक सरना स्थल की जमीन है, जहां पीढ़ियों से पूजा-अर्चना होती आ रही है. एसडीओ ने दी जानकारी : मामले पर एसडीओ विपिन कुमार दुबे ने कहा कि जांच में उक्त भूमि पर सरना स्थल और सरना भवन की पुष्टि हुई है. उन्होंने बताया कि बैगई जमीन आदिवासी सरना समाज की सामूहिक सामाजिक और धार्मिक संपत्ति होती है. इसी आधार पर न्यायालय ने निर्णय दिया, इसके बाद शांतिपूर्ण ढंग से 2 एकड़ 40 डिसमिल बैगई भूमि पर घेराबंदी का कार्य पूर्ण किया गया.

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