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आंगनबाड़ी केंद्र से बच्चे, गर्भवती और धात्री महिलाओं को नहीं मिल रहा लाभ

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आंगनबाड़ी केंद्र से बच्चे, गर्भवती और धात्री महिलाओं को नहीं मिल रहा लाभ

बारियातू ़ बालूभांग पंचायत अंतर्गत जावाबार गांव के ग्रामीणों ने गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के नियमित नहीं खोलने का आरोप सेविका अंजू देवी पर लगाया है. केंद्र के नियमित नहीं खुलने से उक्त गांव और आसपास के टोले के छोटे बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है. सरकार द्वारा प्रदत पोषण योजना से वे वंचित हो रहे हैं. इस संबंध में स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि जावाबार गांव के अलावे लेबराही और करमाटांड़ टोले के लोग इस केंद्र से लाभांवित होते हैं. कुल मिलाकर यहां करीब 160 घर है. इनमें 350 लोग निवास करते हैं. इनमें 50 बच्चे पांच वर्ष से कम उम्र के हैं. वहीं, करीब 15 धात्री व 10 गर्भवती महिलाएं हैं. इन सभी को उक्त केंद्र से नियमित पोषाहार व टीकाकरण मिलना चाहिए, पर केंद्र के नियमित नहीं खुलने से उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल रहा है. केवल दीवारों पर लिखा है मेन्यू : सरकार द्वारा तय मेन्यू आंगनबाड़ी केंद्र के दीवारों पर लिखा है. छोटे बच्चों को सुबह सूजी का हलवा, दोपहर में दाल-भात, अंडा, सब्जी या खिचड़ी देना है. स्थानीय ग्रामीणों की माने तो जब से इस केंद्र में सेविका अंजू देवी कार्यरत है बच्चों को नियमित पोषाहार नहीं मिलता. महीने में टीकाकरण के लिए एक दिन सेविका आंगनबाड़ी केंद्र खोलती है. टीकाकरण के बाद यह केंद्र अक्सर बंद ही रहता है. बच्चों की उपस्थिति भी नहीं रहती. विभागीय निगरानी व जांच भी नहीं होता. ग्रामीणों ने उपायुक्त से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है. क्या कहती है सेविका व पर्यवेक्षिका : इस संबंध में सेविका के नंबर पर फोन करने पर उनके पति ने कहा कि यह अनगर्ल आरोप है. केंद्र प्रतिदिन खुल रहा है. उनके गोतिया से गांव में जमीन विवाद है. इसी विवाद के कारण कुछ लोग सेविका पर जान बूझकर गलत आरोप लगा रहे हैं. वे हर जांच के लिए तैयार हैं. वहीं, पर्यवेक्षिका ममता मासूम ने कहा कि वह बारियातू के अलावे बालूमाथ और हेरहंज के भी प्रभार में है. केंद्र के नियमित नहीं खुलने की जानकारी नहीं है. मामले की जांच की जायेगी.

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