[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड लातेहार केचकी मुखिया, तत्कालीन पंचायत सचिव और आवास मित्र पर 80 हजार वसूली का नोटिस

केचकी मुखिया, तत्कालीन पंचायत सचिव और आवास मित्र पर 80 हजार वसूली का नोटिस

0
केचकी मुखिया, तत्कालीन पंचायत सचिव और आवास मित्र पर 80 हजार वसूली का नोटिस

बेतला. बरवाडीह प्रखंड में अबुआ आवास योजना में गड़बड़ी का मामला सामने आया है. केचकी पंचायत की निवासी लाखो देवी को वर्ष 2016-17 में ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ मिल चुका था. इसके बावजूद पंचायत स्तर पर मिलीभगत कर अभिलेख सत्यापन और जियोटैंगिंग की गई तथा नया आईडी (2595919) बनाकर उन्हें अबुआ आवास योजना का लाभ दिला दिया गया. योजना की स्वीकृति के बाद लाभुक के खाते में दो किस्तों में कुल ₹80,000 का अवैध भुगतान भी कर दिया गया. बीडीओ ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए जिम्मेदारों पर जुर्माना लगाया है. इसमें मुखिया बुद्धेश्वर सिंह पर ₹30,000, तत्कालीन पंचायत सचिव सत्येन्द्र प्रसाद सिंह पर ₹30,000 और आवास मित्र उमेश कुमार यादव पर ₹20,000 का जुर्माना तय किया गया है. सभी को तीन दिनों के भीतर राशि प्रखंड नजारत में जमा करने का निर्देश दिया गया है.

प्रखंड प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा में राशि जमा नहीं की जाती है, तो नियमसंगत कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी. यह मामला दिखाता है कि योजनाओं में पारदर्शिता और निगरानी कितनी आवश्यक है, क्योंकि भ्रष्टाचार से न केवल सरकारी धन का नुकसान होता है बल्कि वास्तविक लाभुकों का अधिकार भी छिन जाता है.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel