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जीवन में बिना कारण के कोई कार्य नहीं होता है : मुनि श्री

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जीवन में बिना कारण के कोई कार्य नहीं होता है : मुनि श्री

झुमरीतिलैया. श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर के नवनिर्मित प्रांगण में मुनि श्री 108 सुयश सागर जी मुनिराज के मंगल आशीर्वाद से 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान ओर विश्व शांति महायज्ञ पांचवें दिन जारी रहा़ रविवार को 1008 पारसनाथ भगवान का समाज के लोगों द्वारा अभिषेक किया गया़ वहीं अशोक अनिल जैन पाटोदी द्वारा शांतिधारा की गयी. इसके बाद पंडित अभिषेक शास्त्री ने सभी आरंभिक क्रियाओं के साथ विधान शुरू कराया़ सुबोध-आशा गंगवाल व शशि छाबड़ा ने संगीत मय पूजन किया़ इन्होंने 256 अर्घ और श्री फल प्रभु के चरणों में चढ़ाया. कार्यक्रम में मुनि ने कहा कि जीवन में बिना कारण के कोई कार्य नहीं होता है़ जीवन में यदि गरीबी है तो उसका कारण है़ यदि अमीरी है तो भी उसका कोई कारण होता है़ सुख और दुख का भी कोई कारण होता है़ जीवन में सुख-दुख धूप-छांव की तरह आते जाते हैं. इसी का नाम संसार है़ ये सभी सुख-दुख भगवान के भक्ति से ओर विशेष रूप से सिद्ध प्रभु की आराधना से सुख प्राप्त होता है और दुख दूर होते है. संध्या में पुण्याजक कैलाश-कमला गंगवाल ओर मैत्री समूह के परिवार को गाजे बाजे के साथ कार्यक्रम स्थल पर श्रीजी आरती के साथ गुरुदेव की आरती का सौभाग्य प्राप्त हुआ़ इसके बाद गुरुदेव ने णमोकार चालीसा का पाठ किया़ पाठ में समाज के कई लोग शामिल हुए़ मीडिया प्रभारी राजकुमार अजमेरा व नवीन जैन ने बताया कि छठे दिन भी विविध अनुष्ठान होंगे़

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