[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड कोडरमा शोषण मुक्त समाजवादी व्यवस्था का निर्माण ही मूल सिद्धांत : संजय

शोषण मुक्त समाजवादी व्यवस्था का निर्माण ही मूल सिद्धांत : संजय

0
शोषण मुक्त समाजवादी व्यवस्था का निर्माण ही मूल सिद्धांत : संजय

कोडरमा

क्रांतिकारी विचारक, अर्थशास्त्री और महान दार्शनिक कार्ल मार्क्स की 207 वीं जयंती पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल सदस्य संजय पासवान ने महामानव मार्क्स के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पूरी दुनिया में मजदूरों का राज कायम हो़. मनुष्य द्वारा मनुष्य का शोषण न हो और एक शोषण मुक्त समाजवादी व्यवस्था का निर्माण हो यही मार्क्सवाद का मूल सिद्धांत है. कार्ल मार्क्स ने कहा था कि बदलाव अपने आप नहीं होते, उन्हें ठोस परिस्थितियों का ठोस अध्ययन के आधार पर ठोस कार्यनीति बनाकर होता है. कार्ल मार्क्स का विचार समय और विज्ञान दोनों की कसौटी पर सही साबित हुआ है. वे महान लेनिन ही थे़ जिन्होंने 1917 में मार्क्स के विचारों को धरती पर उतारा और दुनिया में पहली समाजवादी क्रांति की और दुनिया में एक नए युग की यानी समाजवादी युग की शुरुआत की़ उन्होंने दिखाया कि कैसे सत्ता का इस्तेमाल एक आदमी के लिए नहीं बल्कि जनता के कल्याण के लिए किया जा सकता है़ यह रूसी क्रांति ही थी जिसके बाद दुनिया में कई देशों में क्रांतियां हुई और किसान-मजदूर शासन में बैठे और उनका राज कायम हुआ. कल्याणकारी योजनाओं को समाप्त किया जा रहा है, रोजगार के अवसर कम हो रहा है. मजदूर कर्मचारियों का शोषण बढ़ रहा है. सांप्रदायिक विभाजनकारी नीतियों के आधार पर धर्म के नाम पर समाज को बांटा जा रहा है. हमें इसके खिलाफ मार्क्सवाद के रास्ते पर चलते हुए समाजवादी व्यवस्था कायम करने के लिए जनता की जनवादी क्रांति के लिए हर स्तर पर संगठन बनाना होगा और वैचारिक संघर्ष चलाना होगा. उन्होंने मार्क्स जयंती पर लोगों से अपील किया कि देश में मोदी सरकार की तानाशाही शासन को उखाड़ फेंकने के लिए एकजुट हों.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel