[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड कोडरमा चिकित्सकों की कमी,नहीं मिल रही है बेहतर स्वास्थ्य सुविधा

चिकित्सकों की कमी,नहीं मिल रही है बेहतर स्वास्थ्य सुविधा

0
चिकित्सकों की कमी,नहीं मिल रही है बेहतर स्वास्थ्य सुविधा

अभिमन्यु कुमार .

चतरा. सदर अस्पताल की स्थापना के 72 साल बाद भी जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल रही है. चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों की कमी के कारण समुचित स्वास्थ्य सुविधा से लोग वंचित हैं. विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में गंभीर रूप से बीमार अधिकतर लोगों को हजारीबाग, रांची, पटना रेफर कर दिया जाता है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ परेशानी का सामना करना पड़ता है. सदर अस्पताल की स्थापना 1952 में हुई थी. इसके पूर्व जिला प्रशासन द्वारा अस्पताल का संचालन किया जाता था. मार्च 2024 के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ा के अनुसार, जिले में चिकित्सकों के 122 स्वीकृत पद हैं, जिसमें मात्र 46 डॉक्टर ही पदस्थापित हैं. 76 चिकित्सकों का पद रिक्त पड़ा हैं. विशेषज्ञ महिला चिकित्सक की हमेशा कमी रही है. मजबूरन महिलाओं को पुरुष चिकित्सक से इलाज कराना पड़ता है. वहीं संपन्न परिवार के लोग दूसरी जगह जाकर जांच कराते हैं. अस्पताल में कई महंगे उपकरण स्वास्थ्य कर्मियों की कमी के कारण बेकार पड़े हैं. एक साल पूर्व 52 लाख रुपये की लागत से खरीदी गयी अल्ट्रासाउंड मशीन रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में बेकार पड़ी है. मरीजों को प्राइवेट में अधिक खर्च कर अल्ट्रासाउंड समेत अन्य जांच करानी पड़ रही है. जिला अस्पताल के अलावा रेफरल अस्पताल, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की कमी है. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र चिकित्सक विहीन हैं. इन केंद्रों में एएनएम व अन्य स्वास्थ्य कर्मी मरीजों का इलाज करते हैं.

विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी :

जिले में नेत्र रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन, प्रसुति रोग विशेषज्ञ, निश्चेतक, अस्थि रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, मनोचिकित्सक, शिशु रोग विशेषज्ञ, इएनटी, चर्म एवं गुप्त रोग, फोरेंसिक, दंत चिकित्सक समेत अन्य रोग विशेषज्ञ नहीं हैं. जिसके कारण लोगों का समुचित इलाज नहीं हो पाता हैं.

उपलब्ध संसाधन से ही हो रहा है काम : सीएस

सिविल सर्जन डॉ जगदीश प्रसाद ने कहा कि सरकार द्वारा जो संसाधन उपलब्ध कराया गया है, उसी से काम चलाया जा रहा हैं. राज्य स्तरीय बैठक में कई बार चिकित्सकों की कमी की जानकारी दी गयी, लेकिन अधिकारियों द्वारा राज्य में ही डॉक्टर की कमी बतायी जाती है. चिकित्सकों की बहाली के बाद जिले में और चिकित्सक की नियुक्ति करायी जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel